हालांकि, नौकरी से निकाले जाने के डर से दोनों दबाव सहन कर रही थीं। वहीं, परेशान होकर दोनों ने सुधीर को सारी बात बताई। कुछ दिन बाद युवती की मां ने बहलोलपुर में मेडिकल स्टोर चलाने वाले पवन से युवती की सगाई तय कर दी। हालांकि, सगाई के बाद भी अशोक ने दबाव डालना बंद नहीं किया।
परेशान होकर युवती ने प्रेमी और मंगेतर के साथ मिलकर अशोक को ठिकाने लगाने की योजना बना डाली। बाकायदा सुधीर और पवन ने अशोक से दोस्ती की। फिर 17 मई 2017 को दोनों ने अशोक के कमरे पर पहले उसे शराब पिलाई फिर गला घोटकर हत्या कर दी। हत्या को आत्महत्या दिखाने के मकसद से दोनों ने उसे फंदे पर लटका दिया। जांच ठंडी पड़ने पर युवती ने मंगेतर से शादी कर ली।
पुलिस मान चुकी थी आत्महत्या
सुपरवाइजर अशोक हत्याकांड को तत्कालीन पुलिस अधिकारी आत्महत्या मान चुके थे। वहीं, इंस्पेक्टर अनीता चौहान ने न सिर्फ केस का खुलासा किया बल्कि हत्या आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सूत्र बताते हैं कि संबंधित अधिकारियों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अवलोकन तक नहीं किया था। जब कि उसमें साफ लिखा था कि अशोक की मौत गला दबाने से हुई थी।