कबाड़ी की दुकान पर काम करने वाले एक दलित युवक ने मालिक के खिलाफ मारपीट करने और एक सब-इंस्पेक्टर पर समझौते की फर्जी रिपोर्ट लगाकर मामला खत्म करने का आरोप लगाया है। पीड़ित की शिकायत पर अदालत ने भूपानी थाने को केस दर्ज कर मामले की जांच करने के आदेश जारी किए हैं।
फिलहाल पुलिस ने इस मामले में किसी आरोपी को नहीं पकड़ा है। वहीं, पुलिस अधिकारी एसआई पर लगाए गए आरोपों को गलत करार दे रहे हैं। भारत कॉलोनी पीर गली निवासी शीश कुमार के मुताबिक, वह कच्चा खेड़ी रोड स्थित बबलू कबाड़ी की दुकान पर काम करता था।
आरोप है कि जुलाई 2015 में बबलू ने उससे साठ हजार रुपये उधार लिए थे, बबलू ने यह रकम तीन माह में लौटाने का वादा किया था। समय बीतने के बाद शीश कुमार जब भी बबलू से अपना पैसा मांगता, तो वह दो-तीन माह का समय मांग लेता।
अगस्त 2016 में बबलू ने उसे महज पांच हजार रुपये दिए और बाकी रकम जल्द ही देने को कहा। 3 सितंबर, 2016 को बबलू उसे सब्जी मंडी में मिल गया, उसने रुपये मांगे तो बबलू ने उसके साथ मारपीट की।
आरोप है कि बबलू शीश कुमार को अपने गोदाम पर ले गया, जहां उसे बंधक बनाकर रात भर रॉड और सरिये से पीटा। अगले दिन शीश कुमार को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत बिगड़ने पर 6 सितंबर, 2016 को उसे बीके सिविल अस्पताल पहुंचाया गया।
शीश कुमार ने बबलू के खिलाफ केस दर्ज कराने की शिकायत सीएम विंडो पर की। आरोप है कि कार्रवाई न होने पर उन्होंने पूछताछ की। पता चला कि मामले की जांच करने वाले सब-इंस्पेक्टर ने आरोपी बबलू के साथ मिलकर शीश कुमार के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर फर्जी समझौता रिपोर्ट तैयार कर दी।
आरोप है मामले की शिकायत पुलिस कमिश्नर को भी की गई, लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। भूपानी थाना इंचार्ज महेश कुमार का कहना है कि मामले की जांच खेड़ी पुल पुलिस चौकी द्वारा कराई जा रही है।