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एक लाख रुपये के इनामी बदमाश हरिओम जाट को मुठभेड़ के बाद स्पेशल सेल ने दबोचा

Thu, 22 Mar 2018 10:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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hari om jat - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक लाख रुपये के इनामी बदमाश हरिओम जाट (53) को मुठभेड़ के बाद दबोचा है। उसके पास से एक विदेशी पिस्टल व तीन कारतूस मिले हैं। पुलिस के मुताबिक, उसकी तीन दशक से पप्पू जाट गिरोह से गैंगवार चल रही है।

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दोनों ओर से परिजनों समेत दर्जनों हत्याएं हो चुकी हैं। हरिओम जाट दिल्ली व यूपी में अब तक 16-17 लोगों की हत्या कर चुका है। पुलिस को पिछले करीब 13 सालों से उसकी तलाश थी। 

स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त पीएस कुशवाहा ने बताया कि 20 मार्च की रात इंस्पेक्टर उमेश भर्तवाल, भूषण कुमार आजाद, विक्रम दहिया की टीमों ने सूचना के बाद सीमापुरी से आनंद विहार तक जाल बिछाया।
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हरिओम जाट ने पुलिस को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी फायरिंग के बाद उसे काबू कर लिया। गनीमत रही कि गोली किसी को लगी नहीं। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि हरिओम जाट व सतपाल उर्फ पप्पू जाट की 1982 से रंजिश है।

दोनों ओर से परिवार के कई लोगों के साथ दर्जनों लोगों की हत्याएं हुई हैं। आखिरी बार हरिओम जाट 2006 में गिरफ्तार हुआ था। जमानत पर छूटने के बाद वह पुलिस को लगातार चकमा दे रहा था। आरोपी अलीगढ़, राजस्थान व देश के दूसरे हिस्सों में छिपता था। दिल्ली पुलिस आयुक्त ने उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम रखा था। उसके पिता दिल्ली पुलिस में थे।


 
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पप्पू की भतीजी से शादी से इनकार बना रंजिश की वजह

हरिओम जाट ने बताया है कि उसका जन्म दिल्ली के फर्श बाजार इलाके में हुआ था। उसके पिता दिल्ली पुलिस में थे। उन्होंने समय से पूर्व रिटायरमेंट ले लिया था। इसके बाद वह परिवार के साथ अपना पब्लिशिंग का काम करने लगा।

1982 में पड़ोसी सतपाल उर्फ पप्पू जाट ने अपनी भतीजी के लिए हरिओम का रिश्ता मांगा। हरिओम ने इंकार कर दिया। तभी से दोनों के बीच दुश्मनी हो गई। 1993 में पप्पू जाट व उसके साथियों ने हरिओम के भाई सुरेंदर पाल की हत्या कर दी। 2003 में उसके दूसरे भाई नरेंदर पाल सिंह हत्या कर दी गई। हरिओम ने बदला लेने के लिए पप्पू की मां और जीजा समेत 16-17 हत्याएं कर डालीं।

शाहदरा में लगाना पड़ा था पुलिस बल
1993 में भाई सुरेंदरपाल सिंह की हत्या के बाद हरिओम जाट आग-बबूला हो गया। उसने 1997 में एक के बाद एक पप्पू जाट के परिवार के लोगों, दोस्तों व गैंग के सदस्यों की हत्या करनी शुरू की। इसकी वजह से शाहदरा इलाके में पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा बलों की तैनाती करनी पड़ी।

1997 में अपराध शाखा ने हरिओम व उसके साथी हरीश चावला को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद हरिओम ने तिहाड़ में खुदकुशी का प्रयास भी किया। इसमें उसके खिलाफ हरी नगर थाने में मामला भी दर्ज हुआ।
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