स्पेशल सेल डीसीपी संजीव कुमार यादव केअनुसार 26 अप्रैल को डीएसआईडीसी वर्धमान मॉल केपास आईएसआई की कैश वैन लूटने की वारदात हुई थी। बाइक सवार तीन बदमाशों ने कैश वैन केगनमैन व कैशियर की गोली मारकर हत्या कर दी थी और कैश वैन से 12 लाख रुपये लूटकर ले गए थे।
कैश वैन डीएसआईडीसी में कैश कलेक्शन करने आई थी। जैसे ही उन्होंने शराब की दुकान से कैश को लिया तो बाइक सवार बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। स्थानीय थाना पुलिस केअलावा स्पेशल सेल में तैनात एसीपी अखिलेश्वर स्वरूप यादव की देखरेख में इंस्पेक्टर संजीव कुमार व पीसी यादव की टीम भी बदमाशों को पकडने में लगी हुई थी।
इस टीम में तैनात सिपाही रामवीर व उत्तम को एक मई को सूचना मिली कि कैश वैन को लूटने वाले बदमाश हरिद्वार गए हैं और वह दिल्ली लौट रहे हैं।
पुलिस ने सेक्टर-26, रोहिणी से तीन बदमाश महावीर, दीपक और गुरचरण को पकड़ लिया। इन्होंने बताया कि उन्होंने दीपक उर्फ मंत्रा, गिरोह सरगना भारत भूषण उर्फ टोनी, जीतू व विकास केसाथ कैश वैन लूट की वारदात को अंजाम दिया हे। दीपक के कब्जे से पिस्टल व तीन लाख रुपये बरामद किए गए। इसके बाद .32 बोर की पिस्टल व लूट की रकम में से 1.9 लाख रुपये केसाथ नेरला से विकास को गिरफ्तार कर लिया।
इस टीम को सूचना मिली थी कि गिरोह सरगना भारतभूषण उर्फ टोनी दो मई को सुबह खैर गांव के नजदीक नहर के पास ईको कार से आएगा। पुलिस टीम ने यहां घेराबंदी की। तभी प्रह्लादपुर की तरफ से ईको कार आती हुई दिखाई दी। इंस्पेक्टर संजीव यादव ने कार को रूकने का इशारा किया, मगर चालक ने कार की स्पीड़ बढ़ा दी। इंस्पेक्टरा संजीव ने कार केटायर में एक गोली मारी।
अनियंत्रित होकर कार डिवाइडर से टकरा गई। टोनी कार से उतरा। उसकेएक हाथ में पिस्टल व दूसरे हाथ में बैग था। पुसिल ने उसे सरेंडर करने को कहा, मगर आरोपी टोनी ने पुलिस टीम पर गोली चलाना शुरू कर दिया। इंस्पेक्टर पीसी यादव ने हवा में दो राउंड फायरिंग कर बदमाश को सरेंड करने को कहा। मगर बदमाश फायरिंग करता रहा।
दो गोली सिपाही रामवीर को लगी, मगर बुलट प्रूफ जैकेट केचलते वह बच गया। एएसआई लव कुमार व सिपाही रामवीर ने अपने बचाव में फायरिंग की। टोनी केदोनों पैरों में एक-एक गोली लगी। इसकेबाद वह गिर गया। इसके कब्जे से .32 बोर की पिस्टल, अतिरिक्त मैगजीन व 3.3 लाख रुपये कैश बरामद किया गया। टोनी को इलाज केलिए अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह पहले पीड़ित को गोली मारते थे और फिर लूटपाट करते थे। गिरोह सरगना टोनी ने आदेश दे रखे कि लूटपाट की वारदात से पीड़ित को गोली मारें फिर लूटपाट करें। ताकि पीड़ित लूटपाट का विरोध न कर सके।
लूटपाट की वारदात को ऐसे देते थे अंजाम-
आरोपियों ने बताया कि एक बाइक पर तीन बदमाश लूटपाट करते थे। वही पीड़ित को गोली मारते थे और फिर वही लूटपाट करते थे। गिरोह सरगना टोनी वारदात से कुछ दूरी पर ईको कार को लेकर खड़ा रहता था। वारदात करने वाले बदमाश बाइक को छोड़कर ईको कार से फरार हो जाते थे। पुलिस बाइक की तलाश में लगी रहती थी। बाइक चोरी की होती थी।