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शिकायत करने गए सॉफ्टवेयर इंजीनियर को एसआई ने थाने में पीटा

Wed, 18 Oct 2017 10:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
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शराबी से परेशान साफ्टवेयर इंजीनियर को थाने जाकर शिकायत करना भारी पड़ गया। आरोप है कि पुलिस ने उसे शिकायत देने के लिए थाने बुलवाया और उसके साथ मारपीट कर झूठा मामला दर्ज कर दिया। इस दौरान उसे इतना पीटा गया कि उसके कान का पर्दा फट गया जिसके चलते उसे अस्पताल में भर्ती करानञा पड़ा।
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उसने आरोप लगाया कि जब उसे पुलिस अस्पताल में मेडिकल करवाने के लिए लाई तो यहां इमरजेंसी में मौजूद महिला डॉक्टर ने उसके सारे कपड़े उतरवा दिए। जिसके कारण वह मानसिक रूप से परेशान है। इस पर उसके भाई ने पुलिस को ईमेल के जरिए शिकायत दी है। मामले में डीसीपी पूर्व का कहना है कि इस मामले की जांच करवाई जाएगी।

मूल रूप से उत्तर प्रदेश निवासी अंकुर त्रिपाठी सेक्टर-42 स्थित एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। वह सेक्टर-52 आरडी सिटी के एक पीजी में आयुष के साथ रहता है। 14 अक्तूबर को वह पीजी में अकेला था। उसका रूम पार्टनर नहीं था। इस दौरान शराब के नशे में धुत एक युवक आया और जोर-जोर से दरवाजा खटखटाना शुरू कर दिया। इस पर उसने उसे दरवाजा खटखटाने से मना किया तो वह गाली गलोच करने लगा। इस पर उसने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी।
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पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को हिरासत में ले लिया। इस दौरान पुलिस ने उसे सेक्टर-53 थाने में पहुंचकर शिकायत करने को कहा। आरोप है कि जब वह सेक्टर-53 थाने में पहुंचा तो यहां उसकी शिकायत लेने की बजाय एक पुलिसकर्मी ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान उसके खिलाफ शांति भंग करने का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि इस दौरान उसके साथ मारपीट करने के बाद पुलिसकर्मी सिविल अस्पताल लाए और उसका मेडिकल करवाया।

यहां महिला डॉक्टर ने मेडिकल के दौरान उसके सारे कपड़े उतरवा दिए। जिससे वह मानसिक रूप से प्रताड़ित हो गया है। आरोप है कि मेडिकल करवाने के बाद पुलिसकर्मी उसे एक बार फिर थाने ले गए जहां उसके साथ दोबारा मारपीट की। उसे गिरफ्तार किए जाने की सूचना जब उसके भाई को लगी तो वह दिल्ली से गुरुग्राम पहुंच गया और उसने 15 अक्तूबर को उसकी जमानत कराई।

इसके बाद उसे अस्पताल लाए और जांच करवाई तो उसके कान का पर्दा फटा हुआ था जिसे डॉक्टरों ने तुरंत ही इलाज देने के लिए अस्पताल में भर्ती कर लिया। इसकी शिकायत उन्होंने ईमेल के जरिए संयुक्त पुलिस आयुक्त, डीसीपी पूर्व, डीसीपी मुख्यालय सहित अन्य पुलिस अधिकारियों से की है।

उधर, इस मामले में डीसीपी पूर्व दीपक सहारन से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस मामले में जानकारी नहीं थी। मेरे संज्ञान में यह मामला आया है। इसकी जांच करवाई जाएगी जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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