नई दिल्ली के ओखला औद्योगिक क्षेत्र थाना इलाके में 20 हजार रुपये के लिए छह वर्षीय बच्चे की हत्या करने का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने बच्चे को बेहोश करने के लिए उसके सिर पर वार किया। इससे बच्चे की मौत हो गई।
इसके बाद उसने बच्चे के हाथ-पैर बांधकर शव को कट्टे में बंद कर बेड में डाल दिया था। आरोपी ने जिस प्लास्टिक के कट्टे में बच्चे को बंद किया था इस उस पर उसकी मां का नाम लिखा हुआ था। इस कारण आरोपी पकड़ा गया।
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आरोपी ने बच्चे के हाथ-पैर बांधकर बेड में डाल दिया था
दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी रोमिल बानिया के अनुसार ओखला के फेज-दो में स्थित जनता जीवन राजीव कैंप में रहने वाले उमेश (6) पुत्र जोलाराम उर्फ गोपाल के गायब होने के सूचना 27 सितंबर को शाम 4 बजे मिली थी। अपहरण का मामला दर्जकर ओखला थानाध्यक्ष मुकेश वालिया ने बच्चे की तलाश शुरू की गई।
29 सितंबर को उमेश का शव कैंप में एक खाली झुग्गी में बेड के अंदर मिला। बदबू आने पर शुक्रवार सुबह करीब पौने दस बजे इसकी सूचना पुलिस को दी थी। बच्चे के सिर पर चोट के निशान थे। बच्चे के हाथ-पैर बंधे हुए थे और प्लास्टिक के कट्टे में बंद किया हुआ था। जिस कट्टे में बच्चे को बंद किया था उस पर रूकमणी लिखा हुआ था। इसके बाद पुलिस ने उसके बेटे रोहित (19) को हिरसात में लेकर पूछताछ की।
रोहित ने पूछताछ में बच्चे की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली। शुरू में उसने बताया कि उसकी एक महीने पहले शादी हुई थी और उमेश उसकी पत्नी से मजाक करता था। उसे मजाक करना अच्छा नहीं लगता था इस कारण बच्चे की हत्या की है। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने बताया कि उमेश के पिता जोलाराम राजमिस्त्री है। उसे पता था कि जोलाराम के पास काफी पैसा है।
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कट्टे पर मां का नाम लिखा होने के कारण आरोपी पकड़ा गया
रोहित को किसी 20 हजार रुपये देने थे। इस कारण उसने बच्चे का 27 सितंबर को अपहरण कर लिया। उसका दावा है कि बच्चे को बेहोश करने के लिए उसके सिर पर कपड़े धोने वाली थप्पी से वार किया। इससे बच्चा बेहोश हो गया।
उसकी मंशा ये थी कि बच्चा बेहोश रहे और वह जोलाराम से किसी तरह 20 हजार रुपये वसूल ले। मगर बच्चे की मौत हो गई। बच्चे की मौत होने के बद वह वह डर गया। उसने बच्चे के हाथ-पैर बांधकर शव को बोरे में बंद कर खाली पड़ी झुग्गी में बेड के अंदर डाल दिया था।