मंडावली इलाके में बदमाशों ने 10 लाख रुपये की फिरौती के लिए कारोबारी के साढ़े तीन साल के बेटे को अगवा कर लिया। सूचना पर पुलिस की 16 टीमें बनाकर छानबीन कराई गई।
पुलिस के दबाव के चलते चंद ही घंटों में बदमाश मासूम को एनएच-24 स्थित खेल गांव के पास छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने मासूम को सकुशल बरामद कर लिया। अपने बच्चे को पाकर कारोबारी बेहद खुश है।
पुलिस के मुताबिक, मासूम पीयूष गली नंबर-4, सरपंच चौक, मंडावली में पिता सत्येंद्र, मां व भाई राहुल के साथ रहता है। सत्येंद्र घर से चंद कदम दूर अपनी दुकान चलाते हैं। शुक्रवार शाम राहुल व पीयूष दुकान से घर लौट रहे थे।
राहुल लघुशंका के लिए गया तो बदमाशों ने पीयूष को अगवा कर लिया। परिजन उसकी तलाश करते रहे। रात करीब 8:00 बजे सत्येंद्र के मोबाइल पर पीयूष को अगवा करने की कॉल आई।
बदमाशों ने दस लाख रुपये की मांग की। साथ ही पुलिस को बताने पर मासूम को मौत के घाट उतारने की धमकी दी। इसके बाद भी सत्येंद्र ने पुलिस को बेटे के अपहरण और फिरौती मांगने की जानकारी दे दी।
इस पर जिला पुलिस उपायुक्त ओमवीर सिंह ने 16 टीमें बना दीं। सत्येंद्र को बदमाशों से बातचीत करने के लिए कहा गया। बदमाश सत्येंद्र को कभी अक्षरधाम तो कभी कहीं और बुलाने लगे। इस बीच, देर रात बदमाशों ने रुपये लेकर सत्येंद्र को खेल गांव बुलाया।
उनके साथ ऑटो में सादे कपड़ों में एक पुलिसकर्मी भी गया। इसी दौरान, बदमाशों की कॉल सत्येंद्र के पास आई। उन्होंने कहा कि वह पुलिस को साथ लाया है। बदमाश मासूम को खेल गांव के पास खेतों में छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने मासूम खेतों में रोता हुआ सकुशल मिल गया।