दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सुनील उर्फ टिल्लू गिरोह केशार्प शूटर को साथी समेत गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार शार्प शूटर पर 25 हजार रुपये का इनाम रखा हुआ था। आरोपी ने हाल ही में गवाह की ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या कर दी थी।
पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से हत्या, अपहरण, लूटपाट व कॉट्रेक्ट किलिंग की चार वारदातों को सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने इनके पास से दो सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल, सात कारतूस और आई-20 कार बरामद की है।
स्पेशल सेल पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव के अनुसार सेक्टर-22, रोहिणी में रतनलाल नामक व्यक्ति की पांच मई, 2017 को दो लोगों ने उस समय गोली मारकर हत्या कर दी थी, जब वह अपनी दुकान में बैठा हुआ था। बेगमपुर थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया था।
रतनलाल अपने बेटे की हत्या का मुख्य गवाह था। नांगल ठकरान निवासी मंजीत ने रतनलाल के बेटे की हत्या की थी। बेटे गौरव की मार्च, 2016 में बेगमपुर थाना इलाके में हत्या कर दी थी। केस को कमजोर करने केलिए रतनलाल की हत्या की गई थी।
खास बात ये है कि दिल्ली पुलिस ने रतनलाल को सुरक्षा दे रखी थी। सीसीटीवी फुटेज से पता लगा था कि रतन की हत्या सुनील उर्फ टिल्लू गिरोह केशार्प शूटर हिम्मत उर्फसोनू उर्फचिकू और सोनू उर्फरवि उर्फ छानू बाबा ने की थी। मंजीत ने इन शार्प शूटर को रतनलाल की हत्या के लिए दो लाख रुपये की सुपारी दी थी।
स्पेशल सेल की टीम को 24 जुलाई को सूचना मिली थी कि टिल्लू गिरोह के सदस्य सेक्टर-11 रोहिणी में आई-20 कार से आएंगे। इंस्पेक्टर संजय नागपाल की देखरेख में एसआई अश्विनी कुमार व नीरज कुमार की टीम ने घेराबंदी की और आई-20 कार को रूकवाया।
पुलिस को देखकर आरोपियों ने पिस्टल निकाल ली थी, मगर पुलिस टीम ने तेजपुर, दिल्ली निवासी सोनू उर्फ रवि उर्फ छानू बाबा(24) और खेड़ा कलां दिल्ली निवासी शेखर उर्फ प्रवीण(23) को पकड़ लिया। सोनू टिल्लू गिरोह का शार्प शूटर है।
मामूली बातों पर लोगों की हत्या दी थी-
सोनू विरोध गिरोह केसदस्यों को टारगेट करने में लगा हुआ था। सोनू साथी हिम्मत, दीपक, मनीष व प्रदीप के साथ विरोधी गिरोह के सदस्य जितेन्द्र उर्फ गोगी गैंग केबारे में सूचनाएं एकत्रित कर रहा था तभी उसे सूचना मिली थी कि जितेन्द्र पोलो कार में घूम रहा है।
जब ये मौकेपर पहुंचे तो पता लगा कि पोलो कार के साथ संजय वर्मा खड़ा हुआ था। संजय वर्मा ने जब जितेन्द्र के बारे में कुछ नहीं बताया तो ये अलीपुर में यमुना नदी के किनारे संजय वर्मा को ले गए और वहां उसकी हत्या कर दी थी।
इन्होंने संजय वर्मा के शव को आधे से ज्यादा जला दिया था। प्रोटेक्शन मनी नहीं देने पर मुंडका के चंदन सिंह का दो मार्च अपहरण कर लिया था ओर उसे दस हजार रुपये लूटकर उसे कार से फेंक दिया था। शेखर ने बताया कि उसने साथियों केसाथ जनवरी, 2017 में रोहित खापरा की हत्या कर दी थी।