संतोष मेडिकल कॉलेज/अस्पताल में एमडी प्रथम वर्ष की छात्रा से स्वीपर ने रेप की कोशिश की। घटना सोमवार तड़के तीन बजे अस्पताल की छठी मंजिल पर हुई। छात्रा ने शोर मचाते हुए उसे धक्का दे दिया।
छात्रा के तेवर देखकर आरोपी भाग गया। हालांकि इस दौरान छात्रा के चेहरे पर चोट आ गई। सिहानी गेट पुलिस ने आरोपी रवि को गिरफ्तार कर लिया है।
छात्रा (डॉक्टर) एमबीबीएस कर अस्पताल में प्रैक्टिस भी करती है। वह नोएडा की रहने वाली है। उसके पति दिल्ली में डॉक्टर हैं।
छात्रा ने बताया कि रविवार रात वह अस्पताल में ड्यूटी पर थी। रात 11 बजे एक मरीज का चेकअप कर वह अस्पताल की छठी मंजिल पर बने डॉक्टर रूम में आराम करने लगी।
रूम अंदर से लॉक था, खिड़की खुली थी। उसकी आंख लग गई। सोमवार तड़के करीब तीन बजे एक व्यक्ति उसके रूम में घुसा और टीशर्ट से मुंह भींचने लगा। उसकी नींद खुल गई।
आरोपी ने रेप की कोशिश की। उसने शोर मचाते हुए उसे धक्का दे दिया और अपने को बचाया। आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देते हुए खिड़की के रास्ते भाग निकला।
उसने इसकी सूचना कैंटीन मैनेजर, परिजनों और अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट बी.आर शर्मा को दी। मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ने मामले की तहरीर पुलिस को दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
सीओ द्वितीय रणविजय सिंह ने बताया कि पुलिस कमरे में मिली टीशर्ट के जरिये आरोपी रवि तक पहुंची, जो कि अस्पताल का स्वीपर है।
वह सेवानगर का रहने वाला है। खुद को आठवीं पास बता रहा है। पुलिस अभिरक्षा में उसने घटना स्वीकार की है। 15 दिसंबर 2014 को उसे नौकरी पर रखा गया था।
टीशर्ट से आरोपी तक पहुंची पुलिस
सीओ ने बताया कि कैंटीन मैनेजर को कमरे से आरोपी की टीशर्ट मिली थी। उसने पुलिस को दी। पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि टीशर्ट रवि की है।
वारदात के बाद वह घर भाग गया था। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वह टूट गया और उसने जुर्म कबूल लिया। उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
नाराज डॉक्टरों ने किया हंगामा
घटना के बाद काफी संख्या में एकत्रित होकर डॉक्टर थाने पहुंचे और हंगामा किया। उन्होंने आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की। गिरफ्तारी के बाद वे शांत हुए।
आरोपी बोला-एक हफ्ते से था फिराक में
आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसकी नाइट ड्यूटी चल रही है। छात्रा की भी नाइट ड्यूटी चल रही थी। वह एक सप्ताह से छात्रा के साथ दुष्कर्म करने की फिराक में था।
सोमवार तड़के जब गार्ड नीचे चाय पीने चले गए तो मौका पाकर वह खिड़की से रूम में घुस गया, जहां छात्रा आराम कर रही थी।
आरोपी स्वीपर का नहीं था पुलिस वेरिफिकेशन
सीओ द्वितीय ने बताया कि आरोपी रवि का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया गया था। उसे ठेकेदार के माध्यम से 15 नवंबर 2014 को ड्यूटी पर रखा गया था।
जबकि पुलिस इन दिनों वेरिफिकेशन अभियान चला रही है। सख्त हिदायत है कि बिना पुलिस वेरिफिकेशन किसी को न रखा जाए।
छात्रा का चेहरा जख्मी
छात्रा के चेहरे पर नाखून के निशान हैं। छात्रा ने साहस का परिचय देते हुए खुद को आरोपी के चंगुल से छुड़ाया।
मैनेजर को बताई घटना
छात्रा घटना के बाद दहशत में है। उसके साथियों ने पुलिस को बताया कि वह करीब तीन घंटे तक अस्पताल में रोती रही। उसने घटना सबसे पहले अस्पताल की कैंटीन के मैनेजर विष्णु को इसकी सूचना दी। इसके बाद मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को जानकारी दी गई।