शहर के सेक्टर-20 में बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट ने जिस अल्ट्रासाउंड सेंटर पर छापेमारी कर मशीन को सीज किया। उससे पहले भी एक बार सिटी मजिस्ट्रेट मशीन को सीज कर चुके। अभी तक पिछली कार्रवाई पर कोई निर्णय भी नहीं हुआ था कि अल्ट्रासाउंड सेंटर मालिक मनोज वाजपेयी ने एक और गलत तरीके से मशीन खरीदकर अल्ट्रासाउंड करने शुरू कर दिए।
बुधवार को डीएम एनपी सिंह को सूचना मिली थी। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट बच्चू सिंह को जांच के लिए भेजा। उन्होंने कुछ माह पहले मशीन सीज की थी उसके स्थान पर उक्त संचालक ने दूसरी मशीन तो खरीद ली लेकिन उसकी अनुमति भी नहीं ली और पहले जो मशीन सीज की गई थी उसे हटाया नहीं गया।
वह पूरी तरह फर्जी अल्ट्रासाउंड सेंटर की श्रेणी में आता है। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि अल्ट्रासाउंड मशीन का संचालन करने के लिए लाइसेंस और अनुमति लेनी पड़ती है जिसमें कुछ शर्तें हैं और उनका पालन करना होता है। मनोज वाजपेयी द्वारा पहले ही नियमों का पालन न होने के कारण कार्रवाई की थी। इसके बाद उक्त संचालक ने फिर गैर कानूनी तरीके से अल्ट्रासाउंड करने शुरू कर दिए। बुधवार को फिर से कार्रवाई करके सीज कर दिया है।