इस्लाम नगर में 500 रुपये के विवाद में हुई फायरिंग में घायल युवक नौशाद की शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। चार दिन से कविनगर के सर्वोदय अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था।
आरोपी हमलावरों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट होने के बावजूद गिरफ्तारी न होने से परिजनों में पुलिस के प्रति जबरदस्त आक्रोश है।
नौशाद इस्लाम नगर में दूध का काम करता था। तीन नवंबर को नौशाद के रिश्तेदार का इस्लाम नगर के ही रहने वाले इनाम, इकराम, दानिश, आरिफ से भैंस के लेनदेन में झगड़ा हो गया था।
नौशाद के परिजनों का आरोप है कि चारों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं थीं। इसमें बीच बचाव कराने आए नौशाद को चार और निसार व जावेद को एक-एक गोली लगी थी।
परिजनों ने घंटाघर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शुक्रवार को नौशाद की सर्वोदय अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। तनाव की आशंका को देख पुलिस इस्लाम नगर में डेरा डाले रही। मृतक नौशाद के भाई शमशाद का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही हैं।
नामजद रिपोर्ट के बावजूद अभी तक गिरफ्तारी नहीं की गई। उधर, घंटाघर कोतवाली के एसओ उम्मेद यादव का कहना है कि चारों आरोपी फरार हैं। गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि एफआईआर को हत्या की धाराओं में तरमीम कर दिया गया है।