वारदात के बाद मौके पर पहुंची पुलिस फोर्स।
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‘चारों सिम निकालकर फेंक दो, काम हो गया है और मैंने पिस्टल लाकर रख दी है, तुम किसी बात की चिंता मत करना।’ यह बात उस मोबाइल फोन में रिकार्ड हो गई जो रालोद प्रत्याशी के भाई विनोद और उसके साथी सचिन की हत्या के बाद पुलिस के हाथ लगा।
यह फोन उसी स्कार्पियो के ड्राइवर राहुल का है, जिसे लेकर विनोद और सचिन समर्थकों को उनके गांव पहुंचाने निकले थे। कॉल बीते छह महीने से रालोद प्रत्याशी मनोज गौतम के संपर्क में रहे अलीगढ़ के जवां थाने के गांव दाऊपुर निवासी परविंदर ने किसी फिरोज को की थी।
चूंकि कॉल वारदात के वक्त के आसपास हुई थी लिहाजा, पुलिस परविंदर और फिरोज की सरगर्मी से तलाश कर रही है। हालांकि अभी तक हत्या के कारण का पता नहीं चल पाया है।
मनोज गौतम के ममेरे भाई गुरमीत ने बताया परविंदर को वह पिछले पांच साल से जानते हैं, लेकिन जब से मनोज गौतम चुनाव की तैयारी में जुटे हैं तबसे करीब छह माह पूर्व से वह उनके साथ लगातार संपर्क में था।
चुनाव के दौरान वह भी सहयोग कर रहा था। वहीं अज्ञात व्यक्ति फिरोज के बारे में अभी तक पुलिस को कोई जानकारी नहीं जुटा पाई है। पुलिस को कॉल रिकॉर्डिंग राहुल नाम के ड्राइवर ने दी जो मनोज गौतम के काफिले में किराए पर गाड़ी चला रहा है।
मंगलवार को हत्या के बाद परविंदर का नाम चर्चा में आने पर उसे याद आया कि परविंदर ने उसका फोन लेकर किसी को कॉल की थी। चूंकि उसके मोबाइल पर ऑटो कॉल रिकार्डिंग सेट थी लिहाजा कॉल रिकार्ड हो गई। राहुल खुद पुलिस के पास पहुंचा और उसने इस बाबत पूरी जानकारी दी।
हत्या का कारण स्पष्ट नहीं है। फिलहाल पुलिस सभी बिंदुओं के तहत जांच कर रही है। जल्द ही हत्याकांड का खुलासा कर दिया जाएगा। - केएस इमैनुअल, डीआईजी