दिल्ली हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज से नटवरलाल दामाद और उसके परिवार वालों ने फ्राड कर दिया। जज ने झांसे में आकर अपनी बेटी का हाथ फर्जी आईआईटीएन के हाथ में दे दिया। शादी के तीन साल बाद जब यह राज खुला तो जज साहब ने अपने दामाद, समधी और समधन के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा सेक्टर-20 थाने में दर्ज करा दिया।
ग्रेटर कैलाश-1, दिल्ली निवासी वीके शाली दिल्ली हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज हैं। वीके शाली ने आरोप लगाया है कि उन्होंने अपनी पुत्री पारूल शाली की शादी नवंबर, 2012 में जलवायु विहार में रहने वाले अक्षय धर के साथ की थी।
पारूल फिलहाल स्नैपडील में अधिकारी है। शादी के समय अक्षय की मां कल्पना तथा पिता आरके धर ने बताया था कि उनका पुत्र एमबीए किया हुआ है और आईआईटी दिल्ली से पढ़ा हुआ है। जबकि शादी के बाद पता चला कि युवक ने ऐसी ही किसी जगह से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। वह आईआईटी पास आउट नहीं है।
शादी के बाद उनकी बेटी को रुपयों के लिए परेशान किया जाने लगा
Fraud
शादी के बाद उनकी बेटी को रुपयों के लिए परेशान किया जाने लगा। उनके दामाद ने उनकी बेटी की बंगलूरू में एक कंपनी में लगी नौकरी भी अमेरिका जाने के नाम पर छुड़ा दी। युवक अमेरिका गया भी, लेकिन उनकी बेटी को नहीं ले गया।
इसकी जगह युवक ने 50 हजार रुपये टिकट के नाम पर भी मांग लिए। शादी के बाद ही उन्हें पता चला कि उनके दामाद के माता-पिता अलग-अलग रहते हैं जबकि शादी से पूर्व बताया गया था कि दोनों एक साथ रहते हैं। रिटायर्ड जज ने पूरे परिवार को नटवरलाल की संज्ञा देते हुए दामाद अक्षय धर, उसके पिता आरके धर और मां कल्पना धर के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
रिटायर्ड जज द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर सेक्टर-20 थाने में आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में सत्यता पाए जाने पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।- धर्मेंद्र सिंह, एसएसपी