जुड़वा प्रसव के मामले में सीएमओ की जांच समिति ने शुक्रवार को जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक कर दिया है। जांच में दोषी पाए गए जिला अस्पताल की दोनों रेडियोलॉजिस्ट पर विभागीय कार्रवाई के लिए शासन से संस्तुति मांगी है। इसके साथ ही प्राइवेट अस्पताल के अल्ट्रासाउंड केंद्र की तरफ से गलत रिपोर्ट देने पर उसे सील करने की मांग की है।
सीएमओ डॉ. आर के गर्ग ने बताया कि जांच समिति ने सभी रिपोर्ट को अच्छे से देखा है। रिपोर्ट में अल्ट्रासाउंड की फिल्म में भी एक बच्चा दिखाया गया है, लेकिन डॉक्टरों ने दो बच्चे लिखे हैं। वहीं जिला अस्पताल की सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग की भी जांच की गई, जिसमें एक ही बच्चा दिखा है।
समिति को जांच रिपोर्ट में जिला अस्पताल डॉ. निरुपमा अत्रे और डॉ. कुशमलता सागर की गलती मिली है। इन्होंने प्राइवेट अस्पताल की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट को ही देखकर जुड़वा बच्चा लिख दिया। इसके अलावा सेक्टर-63 स्थित एसजेएम सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के प्राइवेट अल्ट्रासाउंड केंद्र की भी बहुत बड़ी गलती है, जिन्होंने अल्ट्रासाउंड की फिल्म में एक बच्चा होने के बावजूद भी दो बच्चे लिखे हुए हैं।
शासन को रिपोर्ट भेजकर डॉक्टर पर विभागी कार्रवाई और अल्ट्रासाउंड केंद्र सील करने की संस्तुति मांगी है। वहीं पीड़ित परिवार का कहना है कि इस मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। सीएमओ की तरफ से रिपोर्ट मिलने के बाद कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।