दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने ठक-ठक गैंग के दो सदस्यों को पकड़ा है। दोनों ने 4 नवंबर 2016 को सराय काले खां बस अड्डे के पास ज्वेलर की कार पंक्चर कर एक करोड़ से अधिक के सोने व हीरे के जेवरात उड़ा लिए थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से जेवरात व हीरे बरामद कर लिए हैं। पकड़े गए आरोपी की पहचान आंध्र प्रदेश निवासी दीपक (35) के रूप में हुई है। इसका दूसरा साथी 15 साल का नाबालिग किशोर है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि गत चार नवंबर को रमेश पार्क, लक्ष्मी नगर निवासी कमाल अहमद नामक ज्वेलर दक्षिण दिल्ली से अपने घर लौट रहे थे। कमाल का चांदनी चौक में जेवरात का कारोबार है।
बारापुला फ्लाईओवर, काले खां बस अड्डे के पास कमाल की होंडा सिटी कार पंक्चर हो गई। कमाल और उसका चालक कार से उतरकर टायर देखने लगे।
इसी दौरान अज्ञात बदमाशों ने कार की पिछले सीट पर रखा उसका बैग उड़ा लिया। बैग में करीब एक करोड़ के सोने, हीरे के जेवरात थे। मामला दर्ज कर लोकल पुलिस के अलावा अपराध शाखा ने भी छानबीन शुरू की।
एसीपी ईश्वर सिंह, इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह व अन्य की टीम ने पड़ताल शुरू की। शुरुआती जांच के बाद पुलिस को पता चला कि वारदात में किसी ठक-ठक गैंग या पंक्चर गैंग का हाथ है।
इसी दौरान टीम को सूचना मिली कि वारदात में शामिल गैंग एक अन्य वारदात को अंजाम देने के लिए चंडीगढ़ गया हुआ है। फौरन एक टीम को वहां भेजा गया। लेकिन आरोपी दिल्ली पहुंच गए।
एक सूचना के बाद आरोपियों दिल्ली में सराय काले खां बस अड्डे के पास से दबोच लिया गया। पकड़े गए आरोपियों में एक नाबालिग व उसका गैंग लीडर दीपक था। दीपक व नाबालिग दिल्ली में मदनगीर इलाके में रह रहे थे। उनकी निशानदेही पर उड़ाया गया सारा माल बरामद हो गया है।