खुद को गैंगरेप पीड़िता बताने वाली महिला बुधवार को आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए पुलिस आयुक्त कार्यालय के समक्ष अनशन पर बैठ गई। पुलिस आयुक्त ने महिला से कहा कि जांच पूरी होने तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। शिकायत झूठी होने पर एफआईआर रद्द की जाएगी।
भूपानी थाना क्षेत्र में रहने वाली महिला के मुताबिक खेड़ी कलां में रहने वाले तीन युवक अक्तूबर 2015 में प्लॉट दिखाने के बहाने उसे पलवल ले गए थे।
वहां नशीला पदार्थ पिलाकर उसे मथुरा के होटल में ले जाकर उन लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। पुलिस ने जांच में पाया कि महिला की बताई हुई तारीख पर मथुरा के उस होटल में किसी के नाम नहीं दर्ज थे।
एक नवंबर 2015 को हरियाणा दिवस रैली में महिला उन आरोपियों के साथ बस में सवार होकर गई थी। पुलिस के मुताबिक एक कथित पत्रकार के खिलाफ किशोरी पर दुष्कर्म का केस दर्ज है।
इस मामले में अनशन कर रही महिला भी साजिश रचने में शामिल थी। यह महिला और कथित पत्रकार गिरफ्तारी से बचने के लिए गायब थे। हाईकोर्ट ने महिला को जमानत दे दी तो वह पुलिस के सामने आकर शिकायतकर्ता की मदद करने वालों पर झूठे आरोप लगा रही है।