गांव अलालपुर निवासी याकूब पुत्र हुरमत ने मेवात के एसपी सहित उच्च अधिकारियों को भेजी शिकायत में कहा है कि फैसला करने के लिए उनके बेटे पर रेप का झूठा मामला दर्ज कराया गया है।
उनका कहना है कि उसके बेटे अजहरुद्दीन के खिलाफ एक महिला ने 3 मार्च की शाम 6:30 बजे बलात्कार करने का मामला 10 मार्च को महिला थाना नूंह में दर्ज कराया है। जबकी इस दौरान उनका बेटा मेवात में मौजूद ही नहीं था।
उनका बेटा अजहरुद्दीन 2 मार्च 2016 को चंडीगढ़ हाईकोर्ट गया हुआ था तथा वह 4 मार्च की शाम अपने गांव लौटा था। इस दौरान उसने चंडीगढ हाईकोर्ट के एटीएम और सेक्टर-17 स्थित बस अड्डे के एटीएम से पैसे निकाले थे। वहीं हाईकोर्ट के गेट नंबर 4 से वह इस दौरान करीब दस बार आया-गया।
याकूब का आरोप है कि यह मामला पुलिस के एक अधिकारी ने अपने दलालों के सहयोग से दर्ज कराया है क्योंकि नगीना थाने में तैनात इस पुलिस अधिकारी को उसने 7 मार्च 2015 को पांच हजार रुपये रिश्वत लेते हुए विजीलेंस से पकडवाया था।
याकूब का आरोप है कि वह पुलिस अधिकारी अदालत में चल रहे मामले में फैसला करने के लिए काफी दिनों से दबाव बना रहा था। महिला थाना की डीएसपी शकुंतला का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। चंडीगढ हाईकोर्ट के फुटेज मंगवाए जा रहे हैं।