फरीदाबाद के थाना सराय ख्वाजा क्षेत्र में बुआ व फूफा ने रिश्तों को कलंकित कर दिया। इस जघन्य वारदात में सगे फूफा ने 9 वर्षीय भतीजी की दुष्कर्म के बाद गला दबाकर हत्या कर दी।
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पूरी घटना में बच्ची की बुआ ने अपने पति का ही साथ दिया और हत्या को छिपाने के लिए दोनों ने बच्ची को पलंग में कपड़ों के नीचे रख कर आग के हवाले कर दिया।
पुलिस ने आरोपी दंपत्ति को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी दंपत्ति का ढाई साल का एक बेटा भी है।
घुमाने के बहाने साथ लाई थी उसे
घटना थाना सराय ख्वाजा की नवीन नगर चौकी के रोशन नगर क्षेत्र की है। दिल दहला देने वाली इस घटना का खुलासा 5 अगस्त को हुआ, जब मृतक बच्ची का पिता चंद्रसेन उसे ढूंढने रोशन नगर आया।
थाना सराय ख्वाजा एसएचओ कैलाश चंद्र और पल्ला चौकी इंचार्ज अनिल कुमार ने बताया कि चंद्रसेन उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में गांव गड़ाना का निवासी है। उसकी बहन संगीता (35) पति सुनील (41) व ढाई साल के बच्चे ऋषभ के साथ रोशन नगर में रहती है।
5 अगस्त को चंद्रसेन ने पुलिस को बताया कि जून माह में संगीता गड़ाना गांव में उसके घर आई थी। 13 जून को वापस जाते समय वह स्कूल की छुट्टियां होने के कारण चंद्र सेन की 9 वर्षीय बेटी मीना (काल्पनिक नाम) को अपने साथ रोशन नगर ले आई। मीना तीसरी कक्षा में पढ़ती थी।
बेटी का कंकाल देख कांप गई उसकी रूह
चंद्रसेन के मुताबिक मीना के फरीदाबाद आने के एक माह बाद 18 जुलाई को वह कांवड़ लेने चला गया। जब 25 जुलाई को वापस पहुंचा चंद्रसेन की मां केला ने बताया कि रोशन नगर में संगीता के घर में आग लग गई है और मीना गायब है।
चंद्रसेन ने संगीता व सुनील को फोन करके मीना के बारे में पूछा तो उसे कोई सूचना नहीं मिली और दोनों बहाने बनाने लगे। इसके बाद वह रोशन नगर आया। वहां संगीता का घर जला हुआ था, लेकिन उस समय वह नहीं मिली। घर के बराबर में पड़े प्लॉट में जला हुआ पलंग व कपड़े पडे़ थे।
पड़ोसियों ने बताया कि 19 जुलाई को घर में आग लगी थी तभी से संगीता व सुनील कहीं चले गए और लड़की मीना गायब है। चंद्रसेन ने संगीता के घर व प्लॉट के जले हुए सामान की जांच की तो कपड़ों के बीच जले हुए बाल, हड्डियां, मुंह का जबड़ा और बच्ची मीना की पैंट के बटन मिले।
फूफा ने कई बार किया थे रेप
चंद्रसेन की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत आरोपी दंपत्ति को ढूंढना शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस को संगीता अपने ही जले हुए घर में मिल गई। उसने जला हुआ पलंग व कपड़े पहले ही खाली प्लॉट में फेंक दिए थे और खुद वहां रह रही थी।
शुरुआती पूछताछ में संगीता ने मीना के बारे में बहाने बनाए और अपने पति पर ही मीना को गायब करने का आरोप लगाने लगी। 5 अगस्त की रात लगभग एक बजे सुनील नोएडा में पकड़ा गया। उसे गिरफ्तार करके जब दोनों से कड़ाई से पूछताछ की गई तो पूरे मामले का खुलासा हो गया।
आरोपी दंपत्ति ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए। सुनील ने कबूला कि उसने बच्ची मीना के साथ 2-3 बार दुष्कर्म किया था।
19 जुलाई को बच्ची मीना ने विरोध किया तो सुनील ने उसे बेल्ट से बेरहमी से पीटा था, सुनीता ने भी उसका साथ दिया। सुनील ने पुलिस को बताया कि उसने बच्ची को बेल्ट से बांध कर घसीटा, जब वह बेहोश हो गई तो संगीता व सुनील ने पानी डालकर उसे उठाया लेकिन मीना फिसल कर जमीन पर गिर गई और उसके सिर के पीछे खून निकलने लगा।
दंपत्ति ने सोचा कि वह मर गई है, इसके बाद भी सुनील ने उसे गला दबाकर मारा और सबूत मिटाने के लिए पलंग में कपड़ों के नीचे दबाकर आग लगा दी और घर से फरार हो गए।
आरोपी दंपत्ति ने अपनी सगी भतीजी को ही मौत के घाट उतारते हुए एक बार भी नहीं सोचा। इसी का नतीजा है कि अब उनका ढाई साल का बेटा ऋषभ भी बेसहारा हो गया है। दंपत्ति की गिरफ्तारी के बाद सराय ख्वाजा थाने में ऋषभ को पुलिसकर्मियों ने संभाल रखा था। आरोपी सुनील बेटे को अपने जीजा के पास भेजने की गुहार लगा रहा था।