अदालत ने सात वर्षीय बच्ची के यौन शोषण मामले में आरोपी युवक को पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा कि अपराध की प्रकृति को देखते हुए आरोपी किसी भी प्रकार की उदारता की मांग नहीं कर सकता। इतना ही नहीं अदालत ने पीड़िता को दो लाख रुपये मुआवजा देने का भी निर्देश दिया है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गौतम मनन ने उत्तर दिल्ली क्षेत्र निवासी आरोपी को सजा सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में सफल रहा है कि आरोपी ने बच्ची का अपहरण किया और सुनसान जगह ले जाकर यौन शोषण किया।
अदालत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय घोषणाओं के साथ ही न्यायिक घोषणाओं में स्पष्ट किया गया है कि बच्चे देश की बेहद महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संपत्ति और भविष्य हैं। बच्चों के बढ़ने से ही देश विकसित होता है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार नवंबर 2014 को बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी और उसी दौरान दूर का रिश्तेदार आरोपी उसे मोटरसाइकल पर बिठाकर ले गया और यौन शोषण किया।