तबियत खराब होने का बहाना बनाकर दरियागंज थाना पुलिस की हिरासत से एक मुजरिम के फरार होने का मामला सामने आया है। लोक नायक अस्पताल में इलाज के लिए ले जाने के दौरान आरोपी सिपाही को धक्का देकर फरार हो गया।
मुजरिम के फरार होने के बाद पुलिस के हाथ पैर फूल गए और आनन फानन में थाने में मुजरिम के खिलाफ पुलिस हिरासत से भागने का मामला दर्ज कर लिया गया। दिन भर की मशक्कत के बाद पुलिस को कामयाबी मिली और पुलिस ने रात में इलाके से ही आरोपी को गिरफ्तार कर राहत की सांस ली।
जानकारी के मुताबिक समीर उर्फ शोएब (20) नूर इलाही घोंडा का रहने वाला है। गत 30 मार्च की रात पुलिस ने समीर को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। रात में उसे थाने के हवालात में बंद कर दिया गया। तड़के करीब चार बजे समीर ने तबियत खराब होने की बात बताई। सब इंस्पेक्टर प्रवीण और सिपाही जवाहर उसे लेकर इलाज के लिए पैदल ही लोक नायक अस्पताल ले जाने लगे।
सिपाही जवाहर ने आरोपी का हाथ पकड़ रखा था, जबकि सब इंस्पेक्टर उनके साथ चल रहा था। अस्पताल से कुछ दूरी पर आरोपी ने जवाहर को जोरदार धक्का दिया। अचानक लगे धक्के से सिपाही खुद को संभाल नहीं पाया और नीचे गिर गया। हाथ छूटते ही आरोपी वहां से फरार होकर गली में घुस गया। नीचे गिरने की वजह से जवाहर के चेहरे और सिर पर चोट लगी, बावजूद सब इंस्पेक्टर प्रवीण के साथ सिपाही जवाहर आरोपी की गलियों में तलाश करता रहा।
आरोपी के नहीं मिलने पर सुबह साढ़े सात बजे दोनों पुलिसकर्मी थाने पहुंचे और सिपाही ने आरोपी के फरार होने की जानकारी थाना में मौजूद पुलिस अधिकारियों को दी। इस सूचना के बाद आला अधिकारियों के निर्देश पर सिपाही जवाहर के बयान पर दरियागंज थाने में मुजरिम के खिलाफ पुलिस हिरासत से भागने का मामला दर्ज किया गया।
उसके बाद सिपाही जवाहर और थाने के अन्य पुलिसकर्मी टीम बनाकर आरोपी की तलाश में उसके कई ठिकानों पर दबिश दी। देर रात पुलिस की एक टीम ने आरोपी समीर को इलाके से दबोच लिया। पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।