पावर कारपोरेशन ने चालाकी से उपभोक्ताओं की जेब काटने की तैयारी कर ली है। स्वीकृत लोड से अधिक लोड इस्तेमाल करने पर उपभोक्ताओं को सामान्य से चार गुना ज्यादा फिक्स चार्ज के बराबर जुर्माना देना पड़ेगा।
जरा सा ओवरलोड होते ही फिक्स चार्ज की अतिरिक्त धनराशि उनके बिल में जोड़ दी जाएगी। इसको अदा किए बिना बिल भुगतान नहीं हो सकेगा और कनेक्शन काट दिया जाएगा। उपभोक्ता अभी तक इससे बेखबर हैं, जबकि आदेश जारी कर इसको लागू कर दिया गया है।
कारपोरेशन के नए टैरिफ में कई ऐसे बिंदु शामिल हैं, जिनसे उपभोक्ताओं की जेब कटेगी। इनमें एक बिंदु कनेक्शन के ओवरलोड चलने से संबंधित भी है। चार किलोवाट के लाइट, पंखा कनेक्शन का फिक्स चार्ज 300 रुपये महीने है।
यदि लोड बढ़ जाता है तो पहले पर भी दो गुना यानी छह सौ रुपये फिक्स चार्ज देना होगा और बढ़े लोड का अलग से दो गुना देय होगा। जबकि पहले चार किलोवाट पर जुर्माना लगाने का कोई तुक नहीं है।
यह टैरिफ तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इसके आदेश सभी एसई-एक्सईएन आफिसों को मिल गए हैं। उपभोक्ता के बार-बार चक्कर लगाने के बावजूद बिजली आफिसों में लोड नहीं बढ़ाया जाता है।
इसके बावजूद मीटर रीडिंग के बाद जुर्माना उपभोक्ता पर ही लगाया जाएगा। लोड न बढ़ाने वाले अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।