परी चौक पर मंगलवार सुबह रोडवेज बस चालक और एक पुलिसकर्मी के बीच का विवाद हो गया। चालक ने पुलिसकर्मी पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। शाम को चालक के साथ ग्रामीणों ने चौकी पर हंगामा भी किया।
पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। वहीं, पुलिस ने मारपीट के आरोप को निराधार बताते हुए कहा है कि नो-पार्किंग में बस खड़ी कर सवारी बैठाने पर बस सीज की गई है।
जेवर क्षेत्र के गांव नगला हुकुम सिंह निवासी नेत्रपाल सिंह नेे बताया कि वह ग्रेटर नोएडा डिपो की बस का चालक है। मंगलवार सुबह वह परिचालक देशराज सिंह के साथ बस लेकर परी चौक पहुंचा। उसके आगे कतार में र्कई बसें खड़ी थीं।
बावजूद इसके एक पुलिसकर्मी उससेे बस आगे बढ़ाने के लिए कहने लगा। चालक ने आगे की बस हटवाने के लिए कहा, तो पुलिसकर्मी भड़क गया। आरोप है कि उसने बस में आकर चालक सेे मारपीट की और उसेे पुलिस चौकी में लेे जाकर बुरी तरह पीटा।
इससे उसके हाथ में गंभीर चोटें आई हैं। बाद में पुलिस ने उसकी बस का चालान काट दिया। इससे नाराज ग्रामीण परी चौक पहुंचे और हंगामा करते हुए पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। चौकी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझाकर वापस भेज दिया।
मारपीट का आरोप निराधार
चालक से मारपीट का आरोप निराधार है। चालक नो पार्किंग में बस खड़ी कर सवारियां बैठा रहा था। इसी वजह से बस सीज की गई है। बस सीज किए जाने से क्षुब्ध होकर चालक आरोप लगा रहा है।- प्रदीप कुमार, परी चौक पुलिस चौकी प्रभारी