फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्राइम सीन दोहराकर जुनैद की हत्या की गुत्थी सुलझाएगी पुलिस

Mon, 26 Jun 2017 09:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
विज्ञापन
मृतक जुनैद की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
दिल्ली से मथुरा जा रही ईएमयू में जुनैद के हत्या की गुत्थी अब तक सुलझ नहीं पाई है। अब जीआरपी ईएमयू में क्राइम सीन रि-क्रिएट कर मामले को सुलझाने का प्रयास करेगी। इसके लिए पीड़ित परिजनों को साथ लेकर पता लगाया जाएगा कि कहां से सफर हुआ और कहां-किस तरह वारदात हुई।
विज्ञापन


इस दौरान पकड़े गए आरोपी से सवाल किए जा सकते हैं। बताया जा रहा है कि जहां से घटनाक्रम की शुरुआत हुई है, वहीं से पूरी स्थिति से अपडेट रहकर वास्तविकता का पता किया जाएगा। देखा जाए तो अब पुलिस की जांच पैसेंजर ट्रेनों में यात्रियों से पूछताछ पर ही टिकी है। सोमवार को सादे कपड़ों में जीआरपी जवान ईएमयू ट्रेनों में निगरानी कर अपने स्तर पर यात्रियों की बातचीत के माध्यम से घटना की जड़ तक पहुंचने की कोशिश करेंगे। 

हालांकि मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से कोसों दूर हैं। नियमित रूप से चलने वाले यात्रियों के रविवार को अवकाश के चलते पुलिस अधिक पूछताछ नहीं कर पाई। पुलिस इस मामले में समाजसेवी एवं सक्रिय लोगों की मदद ले रही है। 
विज्ञापन


अजय कुमार, एसएचओ, जीआरपी ने बताया कि पुलिस द्वारा हर संभव कोशिश की जा रही है जिससे कि मामले को जल्द से जल्द सुलझाया जा सके। अभी तक सभी आरोपी गिरफ्त में नहीं आए हैं। इस मामले में ईएमयू ट्रेन में क्राइम सीन रि-क्रिएट किया जाएगा। इससे जांच में मदद मिलेगी। 
विज्ञापन

जुनैद के गांव में किसी तरह का नहीं मनाया जाएगा जश्न 

junaid murder
जुनैद की हत्या को लेकर खंदावली में चर्चा थी कि ग्रामीण काली पट्टी बांध कर ईद मनाएंगे। मामले को लेकर शनिवार को नूंह में हुई पंचायत भी यह फैसला हुआ लेकिन सरपंच ने ऐसा करने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि जब प्रशासन अपना काम कर रहा है तो काली पट्टी बांध कर ईद मनाने का सवाल ही पैदा नहीं होता। वे नमाज अदा कर साधारण तरीके से ईद मनाएंगे। गांव में किसी तरह का जश्न नहीं होगा। 

दरअसल, चार दिन बीत जाने के बावजूद जुनैद के हत्यारे पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। जिससे नाराज ग्रामीणों में चर्चा थी वे ईद के मौके पर काली पट्टी नमाज अदा करें। नूंह स्थित रेस्ट हाउस में भी इस संबंध में मुस्लिम संगठनों की बैठक हुई थी। जिसमें काली पट्टी बांध कर ईद मनाने का फैसला लिया था। लेकिन सरपंच निसार अहमद का कहना है कि हम काली ईद क्यों मनाएं। पूरा प्रशासन और सरकार इस घटना को लेकर हमारे गांव और पीड़ित परिवार के साथ है। कानून अपना काम कर रहा है। पीड़ित परिवार की सरकार की तरफ  से हर संभव आर्थिक मदद की जा रही है। इसलिए काली पट्टी बांध कर ईद मनाने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। वे सिर्फ नमाज अदा कर ईद मनाएंगे। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें