गुरुग्राम के सदर थाना क्षेत्र के सुभाष चौक से अपहृत एआईजी कंपनी के सीनियर मैनेजर समर्थ कोहली को राजस्थान से लेकर पुलिस बुधवार दोपहर साइबर सिटी पहुंची। वहीं दूसरी टीम अपहरणकर्ता से संबधित जानकारी जुटाने के लिए रेवाड़ी पेट्रोल पंप, सेक्टर-14 सिविल लाइन गुरुग्राम, जयपुर, अजमेर सहित अन्य कई एटीएम की फुटेज लेने रवाना हुई। इसमें से पुलिस को रेवाड़ी पेट्रोल पंप से एक आरोपी की फुटेज भी मिल गई है। जिसने काले रंग की टी-शर्ट पहनी हुई थी।
बुधवार दोपहर को पुलिस ने सीनियर मैनेजर समर्थ कोहली से पूछताछ की गई। समर्थ ने बताया कि गाड़ी में 10 घंटे तक अपहरणकर्ता ने अपने पैरों के नीचे दबाए रखा। काफी विनती के बाद अपहर्ताओं ने जयपुर-अजमेर मार्ग पर दूदू के पास उसे कुछ देर के लिए पिछली सीट पर बिठाया, लेकिन उस समय उसके चेहरे पर कपड़ा बांध दिया था।
अपहरणकर्ता नहीं चाहते थे कि वह गाड़ी से बाहर देखे या बाहर का कोई आदमी उसे देख पाए। इसलिए सुभाष चौक पर उसे काबू करने के साथ ही बदमाशों ने पिस्टल की नोक पर ले लिया और गाड़ी में दोनों सीट के बीच में पैर रखने के लिए खाली जगह में उसे नीचे मुंह करके लिटा दिया था। इसके बाद एक बदमाश उसके पीठ पर पैर रखकर गाड़ी की सीट पर बैठ गया था।
बदमाशों ने अपहरण के बाद पूरे रास्ते बियर पीते रहे। इस दौरान बदमाशों ने मैनेजर से मारपीट भी की। समर्थ के मुताबिक बदमाशों ने कभी पिस्टल के बट से तो कभी लात घूंसों से मारा। बदमाशों ने समर्थ का अपहरण करते ही उसका पर्स व मोबाइल छीन लिया था। इसके बाद सबसे पहले उन्होंने पर्स में से एटीएम निकाला और एटीएम की लिमिट पूछी।
लेकिन समर्थ ने उन्हें बताया कि लिमिट की उसे जानकारी नहीं है। ऐसे में एटीएम की पिन उससे पूछकर गुरुग्राम से अजमेर के बीच एटीएम से सात बार में करीब एक लाख 65 हजार की रकम निकाल ली। हालांकि, इस दौरान बदमाशों ने बीस से अधिक एटीएम में पैसे निकालने के लिए गए थे।
सुबह आठ बजे कराई छोटे भाई से बात
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जयपुर में एक एटीएम से पैसा नहीं निकलने पर अपहर्ताओं को आभास हो गया था कि समर्थ के अपहरण की जानकारी उसके घर वालों को हो गई है। शायद इसलिए उसका एटीएम ब्लाक करा दिया होगा। ऐसे में बदमाशों ने उसके मोबाइल का स्पीकर ऑन कर उसके छोटे भाई से बात कराई।
सहायक पुलिस आयुक्त सदर अनिल कुमार ने बताया कि समर्थ के भाई ध्रुव कोहली ने वैसे तो उन्हें सुबह छह बजे ही अपहरण की सूचना दे दी थी। इस सूचना पर उन्होंने नाकाबंदी भी करा दी, लेकिन अपहरण की पुष्टि उस समय हुई जब करीब आधे घंटे बाद ध्रुव ने बताया कि रात में करीब एक बजे के आसपास रेवाड़ी जिले के एक पेट्रोल पंप पर समर्थ के अमेरिकन एक्सप्रेस कार्ड से पेट्रोल भरवाया गया है। लेकिन रसीद पर किया गया हस्ताक्षर समर्थ का नहीं है। इसके बाद से पुलिस ने सभी एटीएम ट्रांजेक्शन की डिटेल के आधार पर उनके पीछे रवाना हो गई। इस पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरे में एक बदमाश की हरकत रिकार्ड भी हुई है।
एसीपी अनिल के मुताबिक, एटीएम ट्रांजेक्शन की डिटेल के आधार पर पुलिस आयुक्त संदीप खिरवार खुद सक्रिय हो गए थे। उन्होंने खुद ही जयपुर पुलिस कमिश्नर के अलावा पुलिस अधीक्षक अजमेर से बात की और नाके लगवाए। लेकिन संयोग से बदमाश गुरुग्राम पुलिस से दस से 15 मिनट आगे चल रहे थे। इससे बदमाश आगे निकलते गए, लेकिन अजमेर की सीमा पार करने के बाद पाली जिले के नाके को तोड़कर भाग निकले । इस दौरान वह पकड़े जाने के डर से समर्थ को गाड़ी में ही छोड़कर भाग गए।