5 अगस्त 2014 को रुड़की कोर्ट परिसर में हुए गैंगवार में चार लोगों की हत्या के मामले में जांच करने देहरादून सीबीसीआईडी टीम सोमवार को दादरी आई। यहां टीम ने वारदात के दिन सरकारी अस्पताल में ओपीडी रजिस्टर खंगाला। इस दौरान उसमें आरोपी का नाम मिलने पर टीम ने उस पेज का फोटो लिया और चिकित्साधिकारी को रजिस्टर सुरक्षित रखने का निर्देश देकर लौट गई।
दादरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधिकारी एके सैनी ने बताया कि वारदात में कुलदीप त्यागी उर्फ सीटू का भी नाम आया था। बाद में कुलदीप ने जांच टीम को जानकारी दी कि वारदात के दिन उसने दादरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी में परीक्षण कराया था।
इसकी जांच के लिए सीओ सीबीसीआईडी के नेतृत्व में टीम अस्पताल आई थी। टीम ने उस दौरान का ओपीडी रजिस्टर निकलवाकर पड़ताल की। इस दौरान उसमें कुलदीप त्यागी नाम के मरीज का नाम मिला।
अब, सवाल यह है कि अगर वारदात वाले दिन आरोपी कुलदीप त्यागी ने दादरी में परीक्षण कराया था तो उसे केस में नामजद क्यों किया गया। अगर वह वारदात में शामिल रहा तो उसके नाम से परीक्षण किसने करवाया। इसमें कोई बड़ी साजिश तो नहीं है, यह जांच का विषय है।