ग्रेटर नोएडा में रविवार रात को कार से खून गिरता देख दादरी के एक मैरिज होम के गार्ड ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस जब वहां पहुंची तो कार गायब मिली। इस पर पुलिस ने मैरिज होम के तीन गार्डों को पीट दिया। वहीं, सोमवार सुबह पुराना कठहैरा रोड पर कई स्थानों पर खून पड़ा मिला।
दादरी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत नगर में रेलवे रोड पर दो मैरिज होम हैं। इनके बीच की सड़क पर रविवार रात एक लग्जरी कार आकर रुकी और फिर गार्डों को देखकर चालक तेज स्पीड में गाड़ी मोड़ कर ले गया। जिस स्थान पर कार रुकी थी, वहां गार्डों को खून पड़ा दिखा। इसकी सूचना गार्डों ने पुलिस को दी।
इस पर पीसीआर और लैपर्ड वहां पहुंच गई। एसपी देहात और सीओ दादरी अनुराग सिंह के आदेश पर दादरी कोतवाल रविकांत पारासर भी मौके पर पहुंचे। मौके से खून के नमूने लेने के लिए मिट्टी भी उठाई गई। इसके बाद दादरी पुलिस ने आसपास के इलाकों में कार को तलाश किया।
गाड़ी का सुराग नहीं लगा तो पुलिस ने तीन गार्डों को पीटा
रात करीब 12 बजे रेलवे रोड पुलिस चौकी पर तैनात दरोगा पुलिस जीप और पीसीआर लेकर मैरिज होम पहुंचा और सूचना देने वाले गार्डों की पिटाई की। सूचना मिलने पर मैरिज होम मालिकों ने मौके पर पहुंचकर गार्डों की पिटाई का विरोध करते हुए पुलिस के आला अफसरों को जानकारी दी।
इसके बाद दरोगा वापस लौटा। पीड़ितों ने मामले की शिकायत डीएम और एसएसपी से कर दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
राव फार्म हाउस के मालिक संजय भाटी का कहना है कि मामले से पुलिस अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। गार्डों को पीटने के मामले में अगर दरोगा के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो न्यायालय के माध्यम से रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
एसपी (देहात) के डॉ. बृजेश कुमार के मुताबिक कार से खून गिरने की सूचना पर मैंने कोतवाल को मौके पर भेजा था। अगर दरोगा ने सूचना देने वाले गार्डों के साथ मारपीट की है, तो उसके खिलाफ जांच कर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
अपराध करने में पीछे नहीं है दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिसकर्मी भी अपराध करने में पीछे नहीं हैं। दक्षिण-पूर्व जिले के पुलिस अधिकारी इसमें सबसे आगे हैं। वर्ष 2010 से अप्रैल 2014 तक जिले के 40 पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हुए हैं और 53 को सस्पेंड किया गया। इसी जिले के 431 पुलिसकर्मियों को किसी न किसी कारण लाइन हाजिर भी किया गया।
पश्चिम जिले में काम में लापरवाही बरतने और अन्य मामलों को देखते हुए 2010 से 14 के बीच 210 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया। दक्षिण जिले में यह आंकड़ा 159 रहा, वहीं पूर्वी जिले में 128 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया। पब्लिक प्रोटेक्शन मूवमेंट संस्था के निदेशक जीशान हैदर ने आरटीआई द्वारा पुलिसकर्मियों के खिलाफ दर्ज केस और निलंबन के बारे में जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में दिल्ली पुलिस ने जो आंकड़े उपलब्ध कराए वह चौंकाने वाले थे।
भ्रष्टाचार के मामलों के अलावा कई जघन्य अपराध में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी पाई गई। जबरन वसूली, अपहरण, छेड़छाड़, दुष्कर्म और मारपीट में इनकी भागीदारी रहती है। हालांकि दिल्ली पुलिस अधिकारियों ने कई जिलों के पूरे आंकड़े उपलब्ध ही नहीं कराए हैं। मौजूदा आंकड़े सिपाही से इंस्पेक्टर लेवल तक के हैें। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब दिल्ली पुलिसकर्मी भी अपराध में शामिल रहेंगे तो आम लोगों को पुलिस पर विश्वास कैसे होगा।
इस नंबर पर भेजें ऑडियो या वीडियो
अगर आपको कोई पुलिसकर्मी बिना वजह परेशान कर रहा है या किसी काम के बदले रुपये मांग रहा है तो आप वीडियो या ऑडियो रिकार्ड कर 9910641064 पर वट्सएप कर सकते हैं। विजिलेंस अधिकारी आपकी शिकायत पर कार्रवाई कर आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ केस दर्ज करेंगे। विजिलेंस की डीसीपी सिंधु पिल्ले ने बताया कि छह अगस्त को शुरू किए गए इस शिकायती नंबर के आधार पर अब तक पांच के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।