ट्रेन में सीट के विवाद में 16 साल के लड़के जुनैद की चाकुओ से गोदकर हत्या के मामले में पुलिस अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। 10-15 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। लेकिन, जुनैद की हत्या का मुख्य आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। ऐसे में उसकी जल्द गिरफ्तारी के लिए पुलिस अब उसका स्केच बनवाने की तैयारी कर रही है।
इसके लिए पुलिस जुनैद के भाई हाशिम से चाकूबाजी करने वाले का हुलिया और चेहरे की बनावट के बारे में जानकारी हासिल कर रही है। हत्यारोपी का स्केच तैयार होने पर उस तक पहुंचना आसान हो जाएगा।
ईद की खरीदारी कर 22 जून की शाम दिल्ली से लौट रहे खंदावली निवासी जुनैद की कुछ लोगों ने दिल्ली-मथुरा शटल में हत्या कर दी थी। वारदात बल्लभगढ़ स्टेशन से ट्रेन के निकलने के बाद और असावती स्टेशन के बीच अंजाम दी गई थी। जीआरपी ने जुनैद के भाई हाशिम की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। जांच पड़ताल और छापेमारी के बाद पुलिस ने बुधवार शाम को खांबी गांव से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
जीआरपी ने आरोपी प्रदीप, रामेश्वर, गौरव और चंदर को कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट ने आरोपियों को दो दिन की पुलिस रिमांड में भेजा है। जीआरपी और पुलिस दोनों ही अभी नहीं मुख्य आरोपी तक नहीं पहुंच सकी है। अब जीआरपी मुख्य आरोपी की पहचान हाशिम की निशानदेही पर करेगी। उससे हुलिए की जानकारी लेकर उसका स्केच तैयार करवाया जाएगा। स्केच बनने के बाद पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उसे सार्वजनिक भी कर सकती है।
फिलहाल पुलिस ने पकड़े गए चार आरोपियों को मीडिया से दूर रखा है। कोर्ट में भी पेश करते समय आरोपियों केे चेहरे नकाब से ढके थे। जीआरपी के डीएसपी महेंद्र वर्मा के बताया कि शिकायतकर्ता हाशिम की निशानदेही की मुख्य आरोपी का स्केच तैयार कराया जाएगा। स्केच शुक्रवार को ही बनना था लेकिन कुछ कारणों से ऐसा नहीं हो सका, जल्द ही स्केच तैयार करवाया जाएगा।
खांबी से गिरफ्तार लोगों के पक्ष में हुई पंचायत
मृतक जुनैद की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली से मथुरा जा रही ईएमयू में 22 जून की शाम हुई वारदात के बाद एक तरफ न्याय की मांग जोर पकड़ रही है तो वहीं, दूसरी ओर इस मामले में खांबी गांव में पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ ग्रामीणों में रोष पनप रहा है। शुक्रवार को गिरफ्तारी के विरोध में गांव की बड़ी चौपाल पर पंचायत का आयोजन किया गया। इसमें गांव के सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया। महिलाओं ने भी प्रमुखता से भाग लिया।
पंचायत में इस बात को लेकर रोष था कि रात के समय घरों में घुसकर गांव के लोगों से पुलिस ने मारपीट की। पंचायत में वक्ताओं का कहना था कि जिसने यह वारदात की है, उसे सजा मिलनी चाहिए, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि पुलिस घरों में घुसकर लोगों से अभद्रता करे और महिलाओं से बदतमीजी करे।
पंचायत में कहा गया कि इस मामले में निष्पक्ष जांच कराने के लिए एसआईटी का गठन कर किसी ईमानदार अधिकारी को नियुक्त कर उससे जांच करानी चाहिए। ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस ने 27 जून की रात घरों की कुंडी व दरवाजों को तोड़कर घर में प्रवेश किया। इससे आज भी ग्रामीणों में खासकर महिलाओं व बच्चों में भय बना हुआ है।