नकली नोटों की बड़ी खेप के साथ सिहानी गेट पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 2.79 लाख की जाली करेंसी बरामद हुई है। खास बात यह है कि बरामद जाली करेंसी में 500 और 2000 के नोट भी शामिल हैं। इनकी क्वालिटी भी बिल्कुल असली करेंसी जैसी है। इस खेप के पकड़े जाने के साथ ही देश की खुफिया जांच एजेंसियां एनआईए और आईबी चौकन्नी हो गई हैं। दोनों खुफिया एजेंसियों की टीम शुक्रवार सुबह गाजियाबाद पहुंची और दोनों आरोपियों से पूछताछ की।
एसएसपी एचएन सिंह ने बताया कि एनएच-58 स्थित घूकना मोड़ से चेकिंग के दौरान 2.97 लाख की नकली करेंसी के साथ मोहम्मद अली निवासी कैराना (शामली) और विनोद निवासी पानीपत (हरियाणा) को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 2000 रुपये के 79 नोट (1.58 लाख), 500 के 183 नोट (91500 रुपये) और 100 रुपये के 481 (48600 रुपये) बरामद किए गए हैं।
दोनों ने पूछताछ में बताया कि कैराना के ही रहने वाले अरविन नामक युवक ने उन्हें एक लाख के असली नोट के बदले चार लाख की जाली करेंसी दी थी। इनमें से करीब एक लाख तीन हजार रुपये वह खपा चुके हैं, जबकि 2.97 लाख रुपये खपाने गाजियाबाद आए थे। अरविन को एक माह पहले ही दिल्ली पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। फिलहाल वह तिहाड़ जेल में बंद है। पुलिस उससे भी पूछताछ की तैयारी कर रही है।
मोहम्मद अली कैराना में पेंट की दुकान चलाता है, जबकि विनोद पानीपत से शराब लाकर तस्करी करता है। अधिकारियों का कहना है कि 2000 के जाली नोट की छपाई और कागज बिल्कुल असली नोट जैसा है। माना जा रहा है कि यह नोट चीन या पाकिस्तान स्थित किसी करेंसी छापने वाली पि्रंटिंग प्रेस में छापे गए हैं।