पूर्वी जिला पुलिस ने नटवरलाल से प्रभावित होकर ठगी करने वाले एक हाईटेक ठग को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान कोसली, रेवाड़ी, हरियाणा निवासी अजय डबास (26) के रूप में हुई है। पुलिस की मानें तो आरोपी ओएलएस पर महंगी एसयूवी गाडिय़ां देखकर उनके मालिकों से संपर्क करता था। आरोपी उनकी महंगी गाडिय़ों को अलग-अलग दूतावासों में किराए पर लगवाने का झांसा देता था।
बाद में उनकी गाडिय़ों ले चुपचाप बेच दिया करता था। अजय की गिरफ्तारी से पुलिस ने दिल्ली के चार मामले सुलझाए हैं। वहीं अजय ने गुरुग्राम में दो और मुंबई में एक इसी तरह वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
पूर्वी जिला अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त-2 नंद किशोर मीणा ने बताया कि 9 जून को विजेंद्र कुमार त्यागी नामक शख्स ने प्रीत विहार थाने में अपनी कार ठगी की शिकायत की थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि कुछ दिनों पूर्व उन्होंने अपनी फॉरच्यूनर गाड़ी को बेचने के लिए ओएलएक्स पर विज्ञापन दिया था। विज्ञापन देखकर अजय ने उनसे संपर्क किया।
आरोपी ने उनसे कहा कि वह उनकी कार को दूतावास में लगवाकर मोटा किराया दिलवा देता। विजेंद्र इसके लिए तैयार हो गए। आरोपी ने उनकी कार अपने कब्जे में ली। बाद में उसे दिल्ली में ही तैय्यब नामक शख्स को नकली कागजों के आधार पर बेचने का प्रयास किया। आरोपी ने तैय्यब से दो लाख रुपये कार की टोकन मनी भी ले ली।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। आरोपी लगातार अपने मोबाइल नंबर और ठिकाने बदलता रहा। इस बीच पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली कि आरोपी वसंतकुंज के ओयो होटल में रुका हुआ है। पुलिस ने सोमवार को छापा मारकर उसे दबोच लिया। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि गुरुग्राम सेक्टर-40 थाने के एक इसी तरह के मामले में अजय डबास के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी हैं। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह अपने दोस्त अक्षय के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दे रहा था। आरोपी कार लेकर फरार हो जाते थे। बाद में वह उसे बेच दिया करते थे या कार बेचने के नाम पर टोकन मनी लेकर फरार हो जाते थे।
नटवरलाल के किरदार से काफी प्रभावित
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि उसके पिता हरियाणा में टीचर रिटायर हैं। वह सिर्फ 12वीं कक्षा पास है। बचपन से ही आरोपी नटवरलाल के किरदार से प्रभावित है। वह नटवरलाल की पुराने ट्रिक को नया तड़का लगाकर ठगी करता था। आरोपी ने बताया कि उसके स्टाइल से लड़कियां जल्दी ही उससे प्रभावित हो जाती थीं। गर्लफ्रेंड को घुमाने और उनका खर्चा उठाने के लिए शुरूआत में उसने ठगी शुरू की थी, लेकिन बाद में इसे ही अजय ने अपना धंधा बना लिया था।