सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र में रविवार तड़के एसटीएफ ने मुठभेड़ के बाद सुपारी किलर सत्यपाल उर्फ सत्ते को उसके साथी पवन शर्मा के साथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इनके कब्जे से दो कार, रिवॉल्वर और एक पिस्टल बरामद की। अनिल दुजाना गैंग के सक्रिय सदस्य सत्ते ने सुपारी लेकर दिल्ली पुलिस के एसआई की हत्या की थी। एसटीएफ के मुताबिक सत्ते ने ही अंकित हत्याकांड के मुख्य आरोपी शशांक जादौन को फॉर्च्यूनर लूटकर लाने की सलाह दी थी। इसी कोशिश में शशांक, पंकज और मनोज ने अंकित की हत्या की थी।
एसटीएफ के एएसपी राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि को सूचना मिली थी कि एलजी गोलचक्कर से होते हुए कुछ बदमाश लाल रंग की पोलो कार से जाएंगे। इसके बाद एसटीएफ की टीम मौके पर पहुंच गई। पोलो कार को देखकर जब टीम ने उसे रुकवाने की कोशिश की तो बदमाशों ने फायरिंग कर दी। एसटीएफ ने जवाबी कार्रवाई करते हुए गांव निदामपुर, सिकंदराबाद (बुलंदशहर) निवासी सत्ते और रिठौरी, दादरी निवासी पवन शर्मा को धर दबोचा। आरोपियों के कब्जे से बरामद दो कारों में एक लूट की बताई गई, जबकि हथियारों की जांच की जा रही है।
पूछताछ के दौरान सत्ते ने बताया कि अंकित चौहान हत्याकांड में शास्त्री नगर, गाजियाबाद निवासी आरोपी पंकज ने उससे कुछ रुपये उधार लिए थे। वहीं, अंकित हत्याकांड के मुख्य आरोपी शशांक ने पंकज सेे चार लाख रुपये उधार लिए थे। सत्ते ने पंकज और शशांक को फॉर्च्यूनर लूट की सलाह देेकर कहा था कि इससे दोनों का कर्ज उतर जाएगा। इसके बाद शशांक और पंकज ने अपने साथी मनोज के साथ फॉर्च्यूनर लूटने की कोशिश की और इसमें विफल होने पर अंकित की हत्या कर दी। पंकज भी शातिर अपराधी था। उसने मार्च 2015 में यमुना एक्सप्रेसवे पर लूट के लिए रेकी की थी।
उसने ही सत्ते व उसके साथी अनित उर्फ तोता निवासी जुनपत, दादरी को 1.5 लाख की सुपारी देकर गाजियाबाद के सर्वोदय नगर, विजय नगर निवासी दिल्ली पुलिस के सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक ज्वाला प्रसाद की हत्या कराई थी। ज्वाला के दो पुत्रों-ज्योति प्रसाद व राजीव की पूर्व में किसी रंजिश के चलते हत्या की गई थी। पुत्रों की हत्या की पैरवी करने पर ज्वाला की हत्या कराई गई थी। इस केस के संबंध में एसटीएफ और जानकारी जुटा रही है। बता दें कि हाल ही में पुलिस ने शशांक और मनोज को गिरफ्तार किया है, जबकि पंकज की मौत हो चुकी है।