आर्यनगर कालोनी में मंगलवार सुबह प्लाट में भरे में पानी में डूबने से शाद (3) की मौत हो गई। कालोनी वासियों और परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा किया।
मौके पर पहुंचे पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने मुख्यमंत्री राहत कोष से मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया।
शाद आर्यनगर कॉलोनी में शराफत का बेटा था। शराफत के परिवार में पत्नी फिरोज, बेटा सुहान (8), आयान (6) और अदनान (5) हैं। शराफत पुताई करते हैं।
उनके मकान के निकट गांधी कालोनी निवासी सतबीर का खाली प्लाट है, जिसमें रंगाई की फैक्ट्रियों का पानी और गांधी कॉलोनी का पानी जमा होता रहता है।
प्लाट की सफाई न होने के कारण उसमें तीन फीट पानी जमा हो गया। मंगलवार सुबह नौ बजे फिरोज घर में काम कर रही थी। शाद बाहर खेल रहा था। इस दौरान वह खाली प्लाट में भरे पानी में गिर गया।
एक घंटे बाद भी जब शाद अंदर नहीं आया तो उसे तलाश किया गया। साढे़ 11 बजे प्लाट के पानी में शाद डूबा हुआ मिला। उसे डॉक्टर को दिखाया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया।
हादसे के बाद परिजनों और कालोनी के लोगों ने नगरपालिका के विरुद्ध हंगामा किया। आरोप है कि शिकायत के बाद भी पालिका ने रंगाई फैक्ट्रियों के पानी पर रोक नहीं लगाई।
लोगों ने मुआवजे की मांग की। बकौल एसओ उम्मेद यादव परिजनों ने बच्चे का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया है।
ढाई घंटे डूबा रहा पानी में
मासूम शाद करीब ढाई घंटे पानी में डूबा रहा। कालोनी के लोगों का कहना है कि प्लाट के पानी में कई बार बच्चे गिरे हैं, जिन्हें बचा लिया गया था।