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ब्रजपाल को रास्ते से हटा कर बीजेपी में एंट्री करने का था प्लॉन, परिवार को दंबग नेता पर शक

Sat, 13 Aug 2016 12:01 AM IST
सौरभ श्रीवास्तव/अमर उजाला, नई दिल्ली
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अस्पताल के बाहर इक्ट्ठा हुए कार्यकर्ता - फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के सबसे करीबी लोगों में से एक ब्रजपाल तेवतिया गाजियाबाद की राजनीति के धुरंधर खिलाड़ियों में से एक हैं। भारतीय  जनता पार्टी के टिकट से मुरादनगर विधानसभा सीट से वह 2012 में चुनाव भी लड़ चुके हैं।
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इससे पूर्व लोक दल से उन्होंने चुनाव लड़ा था। आगामी 2017 के विधानसभा चुनाव के लिए भी उन्होंने दावेदारी ठोक रखी थी, मगर इसी बीच गाजियाबाद से ही ताल्लुक रखने वाले क्षेत्र के एक दबंग नेता भाजपा में शामिल होने के लिए अपना रास्ता बनाने में जुटा है। 

मगर उस नेता की शर्त भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से यह रही कि अगर उसे मुरादनगर सीट से आगामी विधानसभा चुनाव का टिकट दिया जाए तब वह पार्टी ज्वाइन करेंगे। 

उस दबंग नेता ने मुरादनगर सीट को निकालने का दावा भी कर रखा है। मगर उक्त नेता का सबसे बड़ा रोड़ा कोई है तो वह ब्रजपाल तेवतिया ही हैं। ब्रजपाल के छोटे भाई विकास तेवतिया जो कि उनके राजनीतिक कार्यो में उनकी मदद करते हैं, उन्होंने पुलिस की थ्योरी को सिरे से खारिज कर दिया।
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'जब तक तेवतिया रहेंगे तब तक वह नेता भाजपा में शामिल नहीं हो सकता'

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विकास का कहना है कि पुलिस जिस थ्योरी को लेकर चल रही है और घटना के पीछे आपसी रंजिश बता रही है, वह गलत है। उन्होंने क्षेत्र के उक्त कद्दावर नेता पर ही शक जताया है और कहा कि भाजपा में शामिल होकर मुरादनगर सीट से चुनाव लड़ने के लिए पूरी प्लॉनिंग तैयार की गई।

विकास  का कहना है जब तक ब्रजपाल तेवतिया रहेंगे तब तक वह नेता भाजपा में शामिल नहीं हो सकता और न ही उसे टिकट मिलता। इसलिए ब्रजपाल को खत्म करने की प्लॉनिंग तैयार की गई। इस पूरे प्लान का अमलीजामा पहनाने के लिए अच्छी खासी फंडिंग की गई।

ब्रजपाल के बेटों का राजनीति से दूर-दूर तक वास्ता नहीं
ब्रजपाल के दो बेटे हैं जिनमें बड़ा बेटा अरुण जो कि आईआईटी कानपुर का टॉपर है। वहीं छोटा बेटा वरूण वह काईट कॉलेज का टॉपर है। दोनों बड़े सॉफ्टवेयर डेवलपर हैं और मल्टी नेशनल कंपनी से जुड़े हुए हैं। 

ब्रजपाल ने अपने दोनों बेटों को राजनीति से शुरू से ही दूर रखा। ब्रजपाल के भतीजे राहुल बताते हैं कि उन्हें रास्ते से हटाने के बाद परिवार में ऐसा कोई नहीं बचता जो मुरादनगर से चुनाव लड़ता, ऐसे में प्रतिद्वंदी का रास्ता साफ हो जाता।
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प्लॉनिंग में रह गई कमी

ब्रजपाल तेवत‌िया से म‌िलने पहुंचे बागपत सांसद सतपाल (बाएं), ब्रजपाल के भाई व‌िकास (दाएं) - फोटो : अमर उजाला
ब्रजपाल तेवतिया की हत्या की साजिश रचने वाला परिपक्व हो सकता है। मगर घटना को अंजाम देने वाले लोग नए बदमाश हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि कोई भी कुख्यात अपराधी घटनास्थल पर एके-47 और ऑटोमैटिक वैपन व अपनी गाड़ी छोड़ कर नहीं भागेगा। 

100 से ज्यादा राउंड गोलियां बरसाने के बाद घटना को अंजाम देने वाले बदमाशों ने अपने अंजाम को पूरा किए बिना ही फरार हो गए। ऐसे में प्रतीत होता है कि वह नए किस्म के बदमाश थे। 

वहीं अधिकारियों का मानना है कि एक से दो लोगों ने मिल कर यह प्लॉनिंग तैयार की हो, जिनकी रंजिश ब्रजपाल तेवतिया से चली आ रही हो।
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