इकलाख हत्याकांड में आरोपी रवि की मौत से बिसाहड़ा में फूटा आक्रोश बृहस्पतिवार को भी बरकरार रहा। परिजनों ने रवि का दाह संस्कार नहीं किया। आक्रोशित ग्रामीण रवि के घर के सामने शव फ्रीजर में रखकर धरने पर बैठे रहे।
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बिसाहड़ा कांड
- फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों ने ऐलान किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, वह दाह संस्कार नहीं करेंगे। शाम को एसडीएम सदर और एसडीएम दादरी ने ग्रामीणों द्वारा गठित कमेटी से वार्ता कर दस लाख रुपये आर्थिक मदद देने व जेलर पर कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन ग्रामीणों ने प्रशासन का यह प्रस्ताव ठुकरा दिया।
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गांव के लोग गोकशी मामले में आरोपी जान मोहम्मद की गिरफ्तारी, रवि के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और जेलर पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
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दिन भर रवि के घर के सामने ग्रामीण व विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग कड़े शब्दों में घटना की निंदा और एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान करते रहे।
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रणनीति तैयार करने के लिए कमेटी गठित
धरना स्थल पर ग्रामीणों ने आगे की रणनीति तैयार करने के लिए 11 सदस्यों की कमेटी गठित की। ग्रामीणों ने कहा कि अगर प्रशासन ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो वह आगे के आंदोलन पर चर्चा करेंगे।
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कमेटी रात तक आगे की रणनीति की घोषणा करेगी। अंदेशा जताया जा रहा है कि कमेटी इस मुद्दे पर महापंचायत बुलाने का निर्णय ले सकती है, जिसमें साठा चौरासी के ग्रामीण भी शामिल होंगे।
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40 मिनट की वार्ता विफल, बैरंग लौटे अधिकारी
बृहस्पतिवार शाम सरकार और प्रशासन का प्रस्ताव लेकर एसडीएम सदर राजेश सिंह और एसडीएम दादरी अमित कुमार बिसाहड़ा गांव पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने बताया कि सरकार पीड़ित परिवार को दस लाख रुपये मुआवजा देने को तैयार है।
चूंकि रवि के परिजन जेलर पर आरोप लगा रहे हैं। इसलिए जेलर को हटाकर मामले की न्यायिक जांच शुरू कराई जाएगी। इसके अलावा अगर परिजन सीबीआई जांच चाहते हैं, तो प्रदेश सरकार इसके लिए केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजने को भी तैयार है, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। उन्होंने प्रशासन के प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारी लौट आए।