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बुजुर्ग महिला को दी ऐसी दर्दनाक मौत

Mon, 09 Oct 2017 09:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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मर्डर - फोटो : SOCIAL MEDIA
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बुजर्ग महिला की बेरहमी से गला रेतकर हत्या कर दी गई। इससे पहले उसकी आवाज दबाने के लिए मुंह में कपड़ा ठूंसा गया। महिला के शरीर पर धारदार हथियार से हमले के कई निशान मिले हैं। मामले में उसके छोटे बेटे ने अपने बड़े भाई पर हत्या का संदेह जताते हुए थाना सेक्टर-24 में शिकायत दी है। पुलिस सभी कोणों से हत्याकांड की जांच कर रही है।
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पुलिस केअनुसार,  सेक्टर-11 की झुग्गी में मूलरूप से पन्ना मध्य प्रदेश की रहने वाली 65 वर्षीय शांति देवी अकेली रहती थीं। वह घरों में साफ-सफाई का काम करती थीं। उनकी बेटी काजल गोकुलपुरी दिल्ली में रहती है। यहीं पर उनका छोटा बेटा भूरा उर्फ हीरा लाल (25) भी रहता है। शनिवार शाम को भूरा मां से मिलने आया था। उसने उन्हें कुछ रुपये दिए थे। आस पड़ोस केलोगों ने बताया कि रात में खाना खाने के बाद शांति देवी सोने चली गई थीं। सुबह साढ़े सात बजे तक वह बाहर नहीं निकलीं तो आसपास के बच्चे उन्हें देखने गए। शांति देवी अपनी झुग्गी में तख्त किनारे गिरी पड़ी थीं। आसपास काफी खून बिखरा पड़ा था। इसके बाद पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी।

थाना सेक्टर-24 प्रभारी निरीक्षक उम्मेद कुमार ने बताया कि फॉरेंसिक टीम की मदद से मौके से फिंगर प्रिंट के नमूने लिए गए हैं। शांति देवी के छोटे बेटे भूरा ने गोकुलपुरी दिल्ली में रहने वाले अपने बड़े भाई गणेश पर हत्या का शक जताते हुए शिकायत दी है। उसका आरोप है कि गणेश और उसकी पत्नी अक्सर मां से मारपीट करते थे। 15 दिन पहले भी दोनों ने मां को पीटा था। पड़ोसियों के बीच-बचाव करने पर गणेश जान से मारने की धमकी देकर गया था। भूरा ने बताया कि उसकी मां के खाते में कुछ रुपये हैं। साथ ही एक बीमा और कुछ गहने भी हैं। गणेश इन चीजों को हड़पना चाहता था। पुलिस सभी एंगल से मामले की जांच कर रही है। इसमें लूट के इरादे से हत्या की आशंका भी शामिल है।
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नाक-कान के गहने खींचकर निकाले

सांकेतिक चित्र
पुलिस के अनुसार बुजुर्ग महिला की हत्या बड़ी बेरहमी से की गई है। हत्या करने से पहले उसके साथ मारपीट हुई है और आवाज दबाने के लिए मुंह में कपड़ा ठूंसा गया था। उनके नाक-कान के गहने खींचकर निकाल लिए गए हैं। भूरा शाम को जो पैसा देकर गया था, वह भी पुलिस को नहीं मिले हैं। झुग्गी के अंदर सारा सामान फैला पड़ा था।

बच्चे नानी बुलाते थे
पड़ोसियों ने बताया कि शांति देवी को पूरे मोहल्ले केबच्चे नानी-नानी कहकर बुलाते थे। वह बच्चों से बहुत प्यार करती थीं। बच्चे भी उन्हें बहुत मानते थे। प्रत्येक सुबह शांति देवी सुबह छह बजे उठकर बच्चों को जगाती थीं। रविवार को जब वह साढ़े सात बजे तक नहीं निकलीं तो बच्चे उन्हें जगाने गए थे। अंदर उनका शव देखकर बच्चे चिल्लाते हुए झुग्गी से बाहर निकल आए। तब पड़ोसियों को उनकी हत्या का पता चला।
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