दीवाली नजदीक आने पर चोरी की वारदात में बढ़ोतरी हो गई है। शहर में ऐेसा गिरोह सक्रिय है, जो रेकी कर बंद मकानों को निशाना बनाता है। शहर में नौकरी-पेेशा लोगों की संख्या काफी ज्यादा है।
इनमें ज्यादातर लोग दीवाली पर अपने मूल निवास पर जाने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में सक्रिय गिरोह उनके बंद मकानों को निशाना बनाकर बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।
पुलिस ने गिरोह के सदस्यों को पकड़ने के लिए सक्रियता बढ़ा दी है, लेकिन लोगों का जागरूक होना भी जरूरी है। पिछले कुछ माह में हुई चोरी की वारदात पर नजर डालें, तो चोरों ने अधिकांश बंद मकानों को निशाना बनाया है।
अंदेशा जताया जा रहा है कि शहर में सक्रिय गिरोह पहले रेकी करता है, फिर ताला लगे मकानों को निशाना बनाता है। केवल लंबे समय नहीं कुछ घंटों या मिनटों के लिए ताला लगाकर जाने वाले लोगों के घरों में भी चोरी के मामले सामने आए हैं।
पीड़ितों के रिपोर्ट दर्ज कराने जाने के दौरान पुलिस उन्हें जागरूक करने का प्रयास कर रही है। अगर आने वाले समय में लोग जागरूक नहीं हुए, तो गिरोह ताबड़तोड़ वारदात को अंजाम दे सकते हैं। क्योंकि दीवाली पर घर में ताला लगाकर बड़ी संख्या में लोग परिवार समेत अपने पैतृक घर पर जाने वाले हैं।
सीसीटीवी में कैद संदिग्धों के फोटो सार्वजनिक
अल्फा-2 निवासी इंजीनियर कुलदीप 1 अक्तूबर की रात अपने रिश्तेदार को गाजियाबाद रेलवे स्टेशन छोड़ने गए थे। कुलदीप जब वापस आए, तो उनके घर का ताला टूटा हुआ था और मकान से पांच लाख रुपये के आभूषण चोरी हो गए थे।
तीन संदिग्ध चोर उनके घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे। इन तीनों संदिग्धों के फोटो पुलिस ने सार्वजनिक कर दिए हैं। पुलिस नेे फोटो सोशल साइट्स पर भी डालकर आरोपियों की पहचान कराने में लोगों से मदद की अपील की है। सूत्रों का कहना है कि पुलिस कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी कर रही है।