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ऑडियो एलबम लांच करने के लिए दो नाबालिगों ने रची अपहरण की साजिश, फिर घबराकर की मासूम की हत्या

Fri, 28 Oct 2016 12:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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- फोटो : अमर उजाला
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मामूरा से 19 अक्तूबर को लापता हुए नौ वर्षीय कार्तिक को पांच लाख की फिरौती वसूलने के लिए अगवा किया गया था। अगवा करने वाले दो नाबालिग हैं। जिन्होंने पकड़े जाने के डर से मासूम कार्तिक की गला दबा कर हत्या कर दी और शव सेक्टर-94 स्थित गंदे नाले में फेंक दिया।
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कार्तिक एक प्राइवेट स्कूल में दूसरी कक्षा में पढ़ता था। पुलिस ने हत्या के आरोप में दोनों नाबालिगों को पकड़ा है। पुलिस ने शव की तलाश में गोताखोर व फायर ब्रिगेड के जवानों से नाले व यमुना नदी में तलाश कराई लेकिन शव बरामद नहीं हो सका।

पुलिस ने कार्तिक की चप्पल, गला घोंटने में प्रयुक्त रस्सी व अगवा करने में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की है। पकड़े गए हत्या आरोपियों में से एक पूर्व किराएदार है जो लगभग रोजाना उसके घर आता जाता था।
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गिरफ्तार नाबालिग में से एक का पिता अपने चाचा की हत्या के आरोप में बनारस जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। खास  बात यह है कि परिजनों ने पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करते हुए लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।

एसपी सिटी दिनेश यादव ने बताया कि 19 अक्तूबर को पेशे से ड्राइवर प्रवीन कुमार का नौ वर्षीय बेटा कार्तिक शाम साढ़े सात बजे के आसपास घर के बाहर से खेलते वक्त लापता हो गया था। परिजनों ने उसकी तलाश रात भर की मगर कार्तिक का कुछ भी पता नहीं चला।

20 अक्तूबर को परिजनों ने कार्तिक की गुमशुदगी फेस-3 थाने में दर्ज कराई थी। पुलिस ने शक के आधार पर दो नाबालिगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की थी। जिसमें एक नाबालिग कार्तिक के आसपास दिखाई दिया था।
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ऑडियो एलबम लांच करने के लिए रची अपहरण की साजिश

kidnapping in noida - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद पुलिस ने मुखबिरों की मदद ली। शक के दायरे में आए दोनों नाबालिगों को एक बार फिर बुधवार को हिरासत में लिया। जहां फिर से कड़ी पूछताछ की गई और दोनों ने कार्तिक को अगवा करने व उसकी हत्या कर गंदे नाले में फेंकने की बात पुलिस के सामने कबूल ली।

जिसके बाद पुलिस ने बृहस्पतिवार की सुबह गोताखोरों व फायर ब्रिगेड की टीम को नाले व यमुना नदी में उतारा। देर शाम तक कार्तिक का शव नहीं मिल सका लेकिन पुलिस को कार्तिक की चप्पल, अगवा करने में प्रयुक्त बाइक, गला घोंटने में प्रयुक्त रस्सी बरामद की है।

पुलिस दोनों नाबालिगों को जुवेनाइल कोर्ट में शुक्रवार को पेश करेगी। पकड़े गए नाबालिगों की उम्र 16 व 17 वर्ष है। जिसमें से एक नाबालिग प्रवीन कुमार का किराएदार रह चुका है। उनके भतीजे के साथ चौड़ा गांव के एक स्कूल में कक्षा 11 का छात्र है।

राहुल (परिवर्तित नाम) को गाना गाने का काफी शौक है। उसे अपनी ऑडियो एलबम लांच करने का काफी मन था। मगर उसके पास पैसे नहीं थे। राहुल ने अपने साथी अजय (परिवर्तित नाम) के साथ मिल कर कार्तिक के अपहरण की साजिश रच डाली।

दोनों ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि कार्तिक का अपहरण आसानी से कर सकते थे, ऐसे में इन्होंने अपहरण की साजिश रच डाली। वहीं अजय ने राहुल का साथ इसलिए दे दिया क्योंकि उसे अपनी गर्लफ्रेंड का शौक पूरा करने के लिए रुपयों की जरूरत थी। ऐसे में दोनों ने मिल कर घटना को अंजाम दे डाला।
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सलारपुर में किराए पर लिया था कमरा

राहुल और अजय ने कार्तिक के अपहरण की साजिश करीब 20 दिन पूर्व बनाई थी। पांच लाख रुपये फिरौती के रूप में वसूलने थे। इसके लिए उन्होंने एक 7 अक्तूबर को सलारपुर में दो हजार में किराए पर कमरा लिया था। उस कमरे में दो तीन बार रुके भी थे।

इसके बाद कार्तिक के खेलने व बाहर निकलने के समय की रैकी की। कार्तिक को घूमने का शौक था। इसकी जानकारी एक नाबालिग को पूरी तरह से थी क्यों कि वह उनका पूर्व किराएदार था और कार्तिक के चचेेरे भाई के साथ पढ़ता था।

ऐसे में वह हर दिन कार्तिक के घर आता जाता था। योजना के मुताबिक कार्तिक को बहला फुसला कर अगवा कर सलारपुर में किराए पर लिए गए कमरे में रखना था और फिरौती वसूलनी थी। फिरौती के बाद उसे छोड़ने का प्लान था।

मगर इसी बीच कार्तिक ने उन्हें धमकी दी की जैसे उसे छोड़ा जाएगा व अपने माता-पिता से उनकी शिकायत करेगा और उन्हें पुलिस पकड़ लेगी। ऐसे में दोनों नाबालिग डर गए और पकड़े जाने के डर से उन्होंने गला घोंट कर कार्तिक की हत्या कर डाली।
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