एक बार फिर दिल्ली का बेरहम चेहरा सामने आया है। दक्षिण दिल्ली के आरके पुरम थाना इलाके में बेरहम माता-पिता कुछ घंटे की जन्म बच्ची को मरने के लिए खुले आसमान के नीचे छोड़कर चले गए। बच्ची मुनिरका फ्लाईओवर के पास फुटपाथ पर पड़ी मिली।
बच्ची एक कपड़े के बैग में थी और उसके शरीर पर कोई कपड़ा नहीं था। बच्ची को ठंड लग गई है और उसे एम्स अस्पताल की नर्सरी में रखा गया है। बच्ची की हालत बुधवार शाम तक ठीक बताई जा रही थी। आरकेपुरम थाना ने बच्ची के अज्ञात माता-पिता के खिलाफ मामला दर्जकर उनकी तलाश शुरू कर दी गई है।
दक्षिण जिले की अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नुपूर प्रसाद के अनुसार मंगलवार रात करीब 12.54 बजे सूचना मिली थी कि मुनिरका फ्लाईओवर के पास सेक्टर-पांच आरके पुरम में बच्ची फुटपाथ पर पड़ी है। बच्चे की रोने की आवाज से पुलिस को सूचना देने वालों को बच्ची के बारे में पता लगा था।
आरके पुरम थानाध्यक्ष सोमनाथ पारूथी पुलिस स्टाफ केसाथ तुरंत मौके पर पहुंचे। नुपूर प्रसाद ने बताया कि बच्ची 24 से 36 घंटे पहले जन्मी है। वह कपड़े के बैग में थी और उसके शरीर पर कोई कपड़ा नहीं था।
ठीक हालत में है बच्ची
नवजात शिशु
- फोटो : Getty
एम्स ट्रामा सेंटर नजदीक होने के कारण इंस्पेक्टर सोमनाथ पारूथी उसे वहां ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद व नर्सरी में रखने की जरूरत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे एम्स भेज दिया।
बच्ची को एम्स की प्राइवेट नर्सरी में रखा गया है और उपचार के बाद बच्ची की हालत ठीक बताई जा रही है। पुलिस अफसरों का कहना है कि बच्ची ठीक से दूध पी रही है। आरके पुरम थाना पुलिस ने मामला दर्जकर तफ्तीश शुरू कर दी है।
बच्ची के माता-पिता की तलाश करने के लिए पुलिस टीमें इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाल रही है। हालांकि बुधवार शाम तक बच्ची के माता-पिता के बारे में कुछ पता नहीं लगा था।
बताया जा रहा है कि बच्ची को गोद लेने के लिए कुछ लोगों ने पुलिस से संपर्क साधा है। बच्ची की देखभाल करने में आरके पुरम थाने के पुलिसकर्मियों ने बहुत अच्छी भूमिका निभाई है।