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‘नमस्ते गैंग’ का खुलासा : सावधान इंडिया देखकर बचने के तरीके सीखते है

Thu, 23 Feb 2017 11:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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namaste gang - फोटो : अमर उजाला
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खुद को परिचित बताकर वाहन चालकों से लूटपाट करने वाले ‘नमस्ते गैंग’ का पुलिस ने खुलासा किया है। पश्चिम जिले की वाहन चोरी निरोधक शाखा ने रानीबाग अंडरपास के पास मुठभेड़ के बाद गिरोह के चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है।
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इनके पास से पुलिस ने तीन पिस्टल, तीन कारतूस, दो स्कूटी, एक चाकू व एक घड़ी बरामद की है। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से 50 मामले सुलझाने का दावा किया है। 

जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी टीवी शो क्राइम पेट्रोल व सावधान इंडिया को देखकर पुलिस से बचने के तरीके सीखते थे। जिला पुलिस उपायुक्त विजय कुमार ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों की पहचान न्यू मुस्तफाबाद निवासी नसीमुद्दीन उर्फ नसीम उर्फ खली (32), मुस्तफाबाद निवासी शेखावत उर्फ हाजी (32), बृजपुरी निवासी गुलजार (29) और उसके भाई नईम (21) के रूप में हुई है।
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namste gang - फोटो : अमर उजाला
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि नमस्ते गिरोह के बढ़ती आपराधिक वारदातों को देखते हुए वाहन चोरी निरोधक शाखा को इसकी जांच की जिम्मेदारी दी गई थी। छानबीन के दौरान पुलिस ने पीड़ितों से पूछताछ की। लेकिन पुलिस को उनके पास से कोई सबूत नहीं मिले।

पुलिस ने अपने मुखबीरों को सक्रिय किया। 22 फरवरी को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि नमस्ते गैंग के सदस्य रानीबाग अंडरपास से गुजरने वाले हैं। इस सूचना पर पुलिस ने उस सड़क पर तलाशी अभियान चलाया। पुलिस ने वहां से गुजर रहे दो स्कूटर पर सवार चार लोगों को रोका। लेकिन स्कूटर की पिछली सीट पर बैठे बदमाश ने पुलिस टीम पर गोली चला दी। आरोपी वहां से भागने लगे लेकिन पुलिस ने पीछा कर चारों को दबोच लिया। 

पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि वह अकेले जा रहे कार चालकों को अपना शिकार बनाते थे। उनकी कार के पास जाकर उन्हें नमस्ते कर परिचित होने का ढोंग करते थे। जैसे ही पीड़ित कार रोकते उनकी कार में बैठ जाते और फिर पिस्टल के बल पर उनसे नकदी और जेवरात लूट लेते थे। पुलिस ने बताया कि पकड़े गए सभी बदमाशों पर पहले से ही ठगी के कई मामले दर्ज हैं।

नसीमुद्दीन के पिता हैंडीक्राफ्ट यूनिट चलाते हैं। वह अलीगढ़ में पढ़ाई करने के बाद दिल्ली आ गया और मुस्तफा के साथ मिलकर डमी मोबाइल देकर ठगी करने लगा। वर्ष 2016 में वह शेखावत के साथ मिलकर नमस्ते गैंग बनाकर वारदातों को अंजाम देने लगा। वहीं शेखावत भी पहले डमी मोबाइल के जरिए ठगी करता था। 
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