मंगलवार रात यूपीएसआईडीसी में श्री महालक्ष्मी मेटल फैक्ट्री में करीब 20 बदमाशों ने सिक्योरिटी गार्ड समेत दस कर्मचारियों को बंधक बनाकर 10 लाख का माल लूट लिया
बदमाश पांच घंटे तक फैक्ट्री में रहे, बुधवार तड़के वहां से गए। इस दौरान पुलिसकर्मी भी जिप्सी में फैक्ट्री के सामने से गश्त करते हुए गए। फैक्ट्री मालिक ने मसूरी पुलिस को घटना की तहरीर दी है, जांच की जा रही है।
यह फैक्ट्री कविनगर में गौरव बंसल की है, जिसमें बैट्री बनाने का काम होता है। मंगलवार रात फैक्ट्री में सिक्योरिटी गार्ड संजीव शर्मा और कर्मचारी संजय, अखिलेश, कमलेश, मनीश, नीरज, संजय, नरेश, मनोज और राम कुमार मौजूद थे।
संजय ने बताया कि रात 11 बजे सिक्योरिटी गार्ड संजीव मोपेड लेकर दावत खाने गया था। नीरज, नरेश, मनोज और राम कुमार कमरे में सो रहे थे। संजय कुमार छत पर सो रहा था।
दो बदमाश सीढ़ियों के रास्ते छत पर गए, संजय कुमार को गन प्वाइंट पर बंधक बनाया। उसे नीचे लेकर आए और जिस कमरे में कर्मचारी सो रहे थे, उसमें ले गए।
इस दौरान बाहर संजीव आ गया, उसे दो बदमाशों ने बाहर ही गन प्वाइंट पर लिया और फैक्ट्री में घुसे। चारों बदमाशों ने पांच वर्कर नीरज, नरेश, मनोज, रामकुमार और संजय कुमार को अंगोछों से बांध दिया।
इसके बाद फैक्ट्री में चार अन्य बदमाश घुसे। संजय के साथ काम कर रहे तीन अन्य कर्मचारी अखिलेश, कमलेश और मनीष को उन्होंने बंधक बनाया और अन्य कर्मचारियों के पास लाकर बांध दिया।
15 मिनट बाद एक मिनी ट्रक लेकर करीब 12 बदमाश फैक्ट्री में घुसे। संजय से उन बदमाशों ने भट्टी का माल निकलवाकर फर्मा में डलवाकर ठंडा कराया।
बदमाश तीन टन रांग, 7 टन स्क्रैप, एलईडी, कर्मचरियों से 20 हजार रुपये कैश और पचास लीटर डीजल फैक्ट्री से मिनी ट्रक में लादकर बदमाश भाग गए। किसी तरह कर्मचारियों ने खुद को बंधन मुक्त कर मालिक को सूचना दी।
फैक्ट्री मालिक की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। एसओ का कहना है कि मामला संदिग्ध लग रहा है, जिस वक्त मिनी ट्रक फैक्ट्री में जा रहा था। वहां से पुलिस गुजरी थी, लेकिन ऐसा नहीं लगा कि जैसे फैक्ट्री में डकैती हो रही हो।
पुलिस चौकी के पास लेबोरेट्री संचालक से गन प्वाइंट पर लूट
लेबोरेट्री संचालक सचिन निवासी बम्हैटा से गन प्वाइंट पर दो बाइक सवार चार बदमाशों ने दो अंगूठियां, सोने की चेन और 22 हजार रुपये लूट लिए। वारदात सिविल लाइन पुलिस चौकी से चंद कदमों की दूरी पर हुई।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच की। वारदात के वक्त संचालक के साथ उनका दोस्त सिद्धार्थ भी था। दोनों के बयान अलग हैं। पुलिस घटना को संदिग्ध मान रही है।
सचिन ने बताया कि वह ब्लड टेस्ट की लेबोरेट्री के इंचार्ज हैं, वे भतीजे के बर्थडे का सामान लेने वह घंटाघर मार्केट दोस्त सिद्धार्थ के साथ बाइक पर जा रहे थे।
भाटिया मोड़ फ्लाईओवर पर पीछे से आए बाइक सवार दो बदमाशों ने टक्कर मारकर बाइक रुकवा दी। बदमाशों के दो साथी भी आ गए।
उन्होंने पेट में तमंचा सटा कर लूट की व घंटाघर की ओर भाग गए। बकौल एसएचओ धीरेंद्र सिंह मामला रोडरेज का भी हो सकता है।