दक्षिण जिले की विजिलेंस ब्रांच ने 26 वर्ष से फरार हत्या के दोषी को गिरफ्तार किया है। दोषी पैरोल जंप कर फरार हो गया था। दोषी ने मात्र 35 रुपये के लिए एक युवक की चाकू से वार कर हत्या कर दी थी। पेरोल जंप कर वह देश के कई शहरों में छिपकर रह रहा था।
दक्षिण जिला डीसीपी ईश्वर सिंह के अनुसार विजिलेंस ब्रांच के इंस्पेक्टर मनोज कुमार की विशेष टीम को पता लगा कि ओंकार सिंह पहाड़गंज इलाके में हुई हत्या के मामले में भगोड़ा है। टीम ने तिलक नगर के विष्णु गार्डन इलाके में दबिश देकर 27 अगस्त को ओंकार सिंह को पकड़ लिया।
ओंकार सिंह उर्फ लड्डा ने पूछताछ में बताया कि उसने साथी देविंदर कुमार उर्फ बिल्लू, अमरपाल सिंह उर्फ लवली और रविंद्र कुमार उर्फ भोपू के साथ मिलकर 25 नवंबर, 1980 को परमिंदर कुमार पुत्र अमरनाथ की हत्या कर दी थी।
कोर्ट ने 15 मई, 1982 को रविंदर व ओंकार को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जबकि दो अन्य आरोपियों को बरी कर दिया। वर्ष 1991 में ओंकार पैरोल जंप कर फरार हो गया था। कोर्ट ने उसे 21 नवंबर 1991 को उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था।
फरारी के दौरान ये लुधियाना, बीकानेर, हरिद्वार, गाजियाबाद, मोदीनगर आदि जगहों पर नाम बदलकर रहा। इसके बाद ये विष्णु गार्डन में रह रहा था और पिछले पांच वर्ष से प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहा था।