आजकल देश में भौकाली बाबाओं का खौफ है,कोई उनके नाम से डरा है तो कोई उनके काम से। कोई बलात्कारी बाबा है तो कोई हत्यारा बाबा। ऐसे ही एक और बाबा बना मौत का सौदागर। दिल्ली के एक आश्रम में लोगों को आयुर्वेदिक दवा देने वाला बाबा हत्यारा बन गया जिसकी तलाश के लिए पुलिस ने एक लाख का इनामी घोषित कर रखा था।
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बाबा मछेंद्रनाथ
महाराष्ट्र के एक गांव का रहने वाला मछेंद्रनाथ 10 साल की उम्र में घर छोड़कर हरिद्वार-ऋषिकेश व हिमाचल आदि आश्रमों में रहा। उसने अपना नाम बदलकर प्रतिभानंद रख लिया। लोग उसे बाबा भी कहकर बुलाते थे। लेकिन जब उसके मन में अपना आश्रम बनाने का ख्याल आने लगा तो वह बाबा से हत्यारा बन गया।
सबसे अमीर लोकसभा प्रत्याशी थे मृतक दीपक भारद्वाज
पश्चिमी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी दीपक भारद्वाज ने तब अपनी संपत्ति 600 करोड़ रुपये घोषित की थी। इसमें से करीब 368 करोड़ रुपये की खेती की जमीन थी जबकि पत्नी के पास 100 करोड़ रुपये की जमीन बताई गई।
डेमो पिक
हत्या के बाद भाग गया था नेपाल,वेश बदलने में है माहिर
पुलिस के अनुसार,दीपक भारद्वाज की हत्या के बाद प्रतिभानंद नेपाल भाग गया था। वहां से वह कुछ समय बाद लौटा तो उत्तराखंड के एक आश्रम में रहने लगा। वहां से हिमाचल,हरिद्वार,कुरुक्षेत्र,महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के आश्रमों में वेश बदलकर रहा।एसएसपी ने बताया कि प्रतिभानंद वेश बदलने में माहिर है। पुलिस को चकमा देने के लिए कभी वह दाढ़ी बढ़ा लेता तो कभी बाल कटवा लेता।
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कुछ बाबाओं से आयुर्वेद की शिक्षा लेने के बाद प्रतिभानंद दिल्ली के एक आश्रम में आयुर्वेद का चिकित्सालय चलाता था। वहीं,उसकी पहचान कई शूटरों और आरोपी वकील बलजीत और नितेश से हुई।
बलजीत ने उसकी पहचान दीपक भारद्वाज के बेटे नितेश से करवाई थी।
तभी नितेश ने बाबा को हत्या की सुपारी दी। प्रतिभानंद ने बताया कि उसकी इच्छा थी कि हरिद्वार में उसका अपना आश्रम हो। सुपारी के दस करोड़ रुपयों में से दो करोड़ रुपये से वह आश्रम बनाने वाला था।
हालांकि पुलिस गिरफ्त में आए बाबा ने कहा कि उसने जो किया उसे उसका अफसोस है और वह जेल से बाहर आकर समाज सेवा करेगा। उसने कहा कि फिरौती की रकम से भी वह सेवा ही करना चाहता था। उधर,एसएसपी ने बताया कि एक लाख के इनामी बाबा को पकड़ने वाली टीम को पुरस्कृत किया जाएगा।