घूकना निवासी धर्मेंद्र उर्फ काले (36) की हत्या क्रिकेट मैच में सट्टेबाजी की रकम हड़पने के लिए दोस्त राजू ने कराई थी। हत्याकांड में राजू ने अपने चचेरे भाई मोनू, ऑटो चालक दोस्त कुलदीप और प्रेम को शामिल किया था।
तीनों को 1.60 लाख की सुपारी दी थी। वारदात से पहले चारों ने साथ में बीयर पी और फिर धारदार हथियार से हत्या कर शव को रईसपुर में फेंक गए थे। मास्टर माइंड राजू व कुलदीप फरार हैं। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया है।
एसपी सिटी अजय पाल ने बताया कि बीते साल आईपीएल मैच में सट्टेबाजी के दौरान मृतक धर्मेंद्र 1.50 लाख रुपये की रकम राजू से जीता था।
राजू ने रकम न दी तो काले उससे इस रकम का 10 प्रतिशत ब्याज 15 हजार रुपये प्रतिमाह उससे वसूलता था। एक-दो बार ब्याज की रकम न देने पर राजू व काले में विवाद हो गया।
इससे राजू परेशान था। राजू ने धर्मेंद्र को रास्ते से हटाने के लिए हापुड़ निवासी चचेरे भाई मोनू व दो दोस्तों प्रेम निवासी घूकना व कुलदीप उर्फ अटटू को हत्याकांड के लिए राजी किया था।
परिजन बोले-डेढ़ लाख हड़पने को 1.60 लाख की सुपारी क्यों
मृतक धर्मेंद्र के भाई मुकेश का कहना है कि सट्टेबाजी की रकम को हड़पने के लिए नहीं बल्कि साढे़ तीन लाख रुपये हड़पने के लिए धर्मेंद्र की हत्या की गई है।
आठ महीने पहले कर्ज उतारने के लिए राजू ने डेढ़ लाख रुपये धर्मेंद्र से लिए थे। राजू की मां ने भी दो लाख रुपये का कर्ज लिया था।
धर्मेंद्र ने यह रकम ब्याज पर मकान मालिक सुरेश यादव से दिलवाई थी। परिजनों का कहना है कि डेढ़ लाख की रकम हड़पने को राजू 1.60 लाख की सुपारी क्यों देगा।
नामजद आरोपी थे बेकुसूर
एसपी सिटी ने बताया कि मृतक के परिजनों ने जिन पांच लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी वे लोग जांच में बेकुसूर पाए गए।