हिसार पुलिस ने गिरफ्तार किया साइको किलर पहलवान
गैर मर्द संग अवैध संबंधों को छिपाने के लिए कलयुगी मां ने ही अपने कलेजे के टुकड़े को प्रेमी से मरवा दिया। वारदात, नोएडा के सेक्टर-39 कोतवाली क्षेत्र के सलापुर में हुई थी। छात्र ने 2 जनवरी को हत्यारोपी को अपनी मां के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। जिसके चलते छात्र की मां ने ही अपने प्रेमी को कहा था कि बेटे को ठिकाने लगा दो। पुलिस ने हत्यारोपी मां के प्रेमी और मां दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
एएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि मूलत:बुलंदशहर के खानपुर निवासी अमरीश अपनी पत्नी सीमा और बेटे के साथ नोएडा के सलारपुर में रहते थे। वह स्वयं ऑटो चलाते हैं और उनका बेटा प्रशांत (16) कक्षा 10वीं में पढ़ता था। उनकी जीतू नाम के एक ऑटो चालक से करीब छह माह से गहरी दोस्ती थी।
दो जनवरी को अमरीश को बेटा प्रशांत अचानक घर पहुंच गया तो वहां पर अपनी मां और पिता का दोस्त जीतू उर्फ जितेंद्र पुत्र राधेलाल निवासी वृंदावन (सलारपुर) दोनों आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया। उसने दोनों को खूब भलाबुरा कहा।
मां और उसके प्रेमी ने काफी देर तक मांगी थी माफी
कंधे से गिरते ही बंदूक से हुआ फायर
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मगर मां और उसके प्रेमी ने प्रशांत को काफी देर तक समझाया और माफी मांगी तो वह शांत हो गया। मगर पति को बताने के डर से महिला सहम गई थी। उसी समय अमरीश का दोस्त जीतू के पास फोन आया कि उनके परिवार से उसकी भतीजी नोएडा आ रही है तो वह उसे स्टेशन से ले आए।
अमरीश के फोन कट जाने के बाद जीतू उर्फ जितेंद्र ने बहाना बनाया कि वह उसके चचेरी बहन को लेने चल रहे हैं। इसलिए प्रशांत भी उसकी बाइक पर सवार होकर चला गया। घर में ही जीतू और प्रशांत की मां के बीच इशारों में ही प्रशांत को ठिकाने लगाने को कह दिया था। प्रशांत को जीतू अपने साथ बाइक से ले गया और सेक्टर-96 गोल्फ कोर्स की झाड़ियों के पास ले जाकर उसे फिर से समझाने लगा।
इसी बीच जीतू ने प्रशांत की गर्दन पकड़कर उसके सिर को पत्थर पर तब तक पटकता रहा जब तक उसकी मौत नहीं हो गई। शाम को जब प्रशांत घर नहीं आया तो अमरीश ने जीतू के साथ जाकर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
हत्या के बाद पहली कॉल कर मां को दी बेटे की हत्या की सूचना
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जीतू ने प्रशांत की हत्या के बाद सबसे पहली कॉल अपनी प्रेमिका और प्रशांत की मां को दी। मगर प्रशांत की मां ने उफ तक नहीं की और बेटे की हत्या के बाद चुपचाप रही। उसने अपने बेटे की हत्या की जानकारी पति को भी नहीं दी। पति हर रोज बेटे की तलाश करने के लिए घर से निकलता मगर पत्नी को कोई खास असर नहीं था।
सेक्टर-39 कोतवाली इंस्पेक्टर अमरनाथ यादव ने बताया कि प्रशांत के पिता अमरीश ने जब अपनी भतीजी को स्टेशन से लाने के लिए कहा था तो जीतू उसे लेने नहीं गया और वह ऑटो से घर पहुंची थी। अपने चाचा को बताया था कि उसे लेने के लिए कोई नहीं गया था और वह ऑटो आई है।
इस पर अमरीश ने दोस्त जीतू को फोन किया तो उसने हादसा होने का बहाना बताया। पुलिस को भी उस पर संदेह था। चूंकि जिस स्थान पर छात्र का शव मिला था वहां पर उसके फोन की लोकेशन मिल रही थी। वहां से प्रशांत की मां को भी फोन किया था तो उसी के चलते सीडीआर से मां भी संदेह के घेरे में आ गई थी। मां ने हत्या की जानकारी होने के बाद भी बात छिपाई तो उसे साजिश और साक्ष्य छिपाने की आरोपी माना गया।