दिल्ली के बुराड़ी इलाके में बीएसपी नेता और प्रॉपर्टी डीलर मनुव्वर हसन समेत पूरे परिवार की हत्या पैसों के लालच में उसके ही पार्टनर ने कर दी। प्रॉपर्टी डीलर मुनव्वर हसन की बेटी आरोपी को भइया कहती थीं। मां और बहन की लाश देखने के बाद मुनव्वर की छोटी बेटी ने हाथ जोड़कर शाहिद से कहा कि भइया आप मुझे भी मार डालो। इसके बाद शाहिद ने बिना झिझके उसे भी गोली मार दी।
पुलिस के अनुसार, हत्यारोपी शाहिद को मुनव्वर और उसके परिवार वाले घर का ही सदस्य मानते थे। 20 अप्रैल को शाहिद खान उर्फ बंटी मुनव्वर हसन की पत्नी सोनिया उर्फ इशरत व उसकी दो बेटियों आरजू व अर्शी को सहारनपुर में रिश्तेदारों से मिलवाने की बात कहकर लाया था। सहारनपुर से शाम साढ़े छह बजे वह दिल्ली के लिए फिर से रवाना हो गए। जब वह दौराला के पास पहुंचे तो बंटी ने समौली गांव निवासी अपने साथियों को भी हाईवे पर बुला लिया।
इसके बाद बंटी ने दौराला के पास गाड़ी में सबसे पहले सोनिया उर्फ इशरत को गोली मारी, जिसे देख दोनों बेटियां सन्न रह गईं। इसे बाद उसने बड़ी बेटी आरजू को गोली मारी। अपनी मां व बहन की खून से सनी लाश देखकर छोटी बेटी अर्शी ने बंटी के सामने हाथ जोड़ लिए और कहा कि लो भाई अब मुझे भी गोली मार दो। इस पर भी हैवान बने बंटी का दिल नहीं पसीजा और उसने अर्शी की भी गोली मार दी। इसके बाद उसने तीनों के शवों को लेकर अख्त्यारपुर गांव स्थित काली नदी के किनारे जमीन में गाड़ दिया।
पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार दोपहर पुलिस ने मुनव्वर हसन का शव परिजनों के सुपुर्द किया। शाम को गांव में शव पहुंचते ही कोहराम मच गया। उसकी मां खुर्शीदा, बहनें तसमीम, आसमीन आदि परिजन शव से लिपट कर रोने लगे। मौके पर मौजूद सैकड़ों ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। बाद में गमगीन माहौल में गांव के कब्रिस्तान में मुनव्वर का शव दफनाया गया। मृतक के चाचा सलीम ने बताया कि मुनव्वर की पत्नी और बच्चों के शवों को भी गांव में लाकर दफनाया जाएगा। मेरठ में पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को शव गांव लाए जाएंगे।