एनडीएमसी के असिस्टेंट लीगल एडवाइजर मुईन खान ने जब तीन करोड़ रुपये की रकम को ठुकरा दिया तो ईमानदारी के बदले में उन्हें मौत मिली। परिवार का कहना है कि एनडीएमसी के वरिष्ठ अधिकारी भी जुर्माने को कम करने का दबाव बना रहे थे।
मुईन ने इसका जिक्र अपनी पत्नी से किया था। वहीं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में अगर एनडीएमसी के अधिकारियों के नाम सामने आएंगे तो उनसे भी पूछताछ की जाएगी।
वहीं बुधवार को एनडीएमसी की ओर से मुईन की पत्नी निशात खान को सरकारी नौकरी व आवासीय सुविधा देने की घोषणा कर दी गई। मामले की छानबीन कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि होटल कनाट एनडीएमसी से यूथ हॉस्टल व टू-स्टॉर होटल चलाने के लिए लीज पर लिया गया था।
एनडीएमसी के अधिकारी भी पुलिस के रडार पर
मुईन के घर के बाहर इकट्ठा हुए लोग
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लेकिन छानबीन के दौरान पाया गया कि इसमें लाइसेंस के विरुद्ध अन्य गतिविधियां चल रही थीं। एनडीएमसी ने जुर्माना लगाकर होटल को बंद करने का आदेश दिया। होटल मालिक रमेश लोकल कोर्ट चला गया।
वहां से हाईकोर्ट मामला पहुंचा। पिछले साल जुलाई में हाईकोर्ट ने एनडीएमसी को 17 मई तक मामले का निपटारा करने के लिए कहा था। केस की छानबीन के लिए मुईन खान को एस्टेट ऑफिसर नियुक्त कर दिया गया। मुईन को ही होटल का जुर्माना तय करना था।
इसी को लेकर लगातार उन पर दबाव बनाया जा रहा था। रिश्वत की पेशकश की गई। लेकिन मुईन किसी सूरत में तैयार नहीं हुए तो उनकी हत्या की योजना बना ली गई। मुईन की पत्नी निशात ने एनडीएमसी के अधिकारियों की भी जांच कराने की मांग की है। पुलिस एनडीएमसी के अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।