साइबर सिटी में लगातार वाहन चोरी में लगातार हो रही बढ़ोतरी पुलिस के लिए सिरदर्द बनी हुई है। रोजाना शहर से आठ से दस वाहन चोरी हो जाते है। हाल ही में पकड़े गए वाहन चोर गिरोह से जो खुलासे हुए है। उनसे पुलिस भी हैरत में है।
आरोपियों से पूछताछ में क्राइम ब्रांच को पता चला कि साइबर सिटी में चोरी करने के लिए तीन जिलों के बदमाश सक्रिय रहते है। जो रोजाना शहर से करीब एक दर्जन वाहनों की चोरी कर मेवात,राजस्थान और उत्तरप्रदेश ले जाकर आसानी से बेच देते है।
पुलिस को जांच में यह भी पता चला कि ज्यादातर चोर मेवात,राजस्थान के भिवाड़ी और उत्तरप्रदेश के कई जिलों के चोर यहां आकर आसानी से पलक झपकते ही वाहन को गायब कर देते है।
शहर में ज्यादातर जगहों पर अधिकृत पार्किंग व्यवस्था न होने के कारण वाहनों की चोरी चोरों के लिए आसान बात है। क्योकि चोर ज्यादातर वाहनों को पार्क,मार्केट ,शॉपिंग कॉप्लेक्स के बाहर खड़े कर जाते है,लेकिन वापस आने पर वाहन गायब मिलता है। कई जगह सीसीटीवी फुटेज में चोर कैद होते है। लेकिन कई बार उसके बावजूद पुलिस कई मामलों में चोर को पकडने में नाकाम साबित होती है।
स्पलेंडर, अपाचे, पल्सर है पंसदीदा बाइक
सब इस्पेक्टर संदीप ने बताया कि वाहन चोर बाइकें चुराने के दौरान स्पलेंडर, अपाचे, पल्सर इनकी पंसदीदा बाइकें है। इसीलिए इनकी चोरी ज्यादा करते है क्योकि बाजार में इन बाइकों की मांग ज्यादा होती है। इसके साथ दूसरे मार्का की बाइकों कंडीशन देख कर चुराते है।
सात से दस सेंकेड में चुराते है बाइकें
पुलिस पूछताछ में चोरों ने बताया कि वह बाइक चुराने में सिर्फ सात से दस सेंकेंड में वक्त लेते है और कुल 12 सेकेंड में बाइक चुरा कर फरार हो जाते है।
20 से 25 लोगों का गिरोह रहता है सक्रिय
एंटी स्नेचिंग स्टॉफ प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि शहर में वाहन चोरी गिरोह को पकड़ते रहते है। लेकिन वह जेल से छुटने के बाद दोबारा से चोरी करने लगते है। लेकिन साइबर सिटी में 20 से 25 बदमाशों का अलग-अलग गिरोह सक्रिय रहते है।
वाहन चोर बाइकों और कारों को कोडिय़ों के भाव बेच कर उन पैसों से मौज मस्ती करते है। साइबर सिटी से चुराये गए वाहन ज्यादातर मेवात और राजस्थान में बेची जाती है। बाइकें दो हजार से सात हजार रुपये में जबकि कारें 50 से 80हजार रुपये में बेची जाती है। -संदीप कुमार, प्रभारी एंटी स्नेचिंग स्टॉफ