वह जान बचाने के लिए टोकस परिवार के सदस्यों को लेकर कार से भागा। तीन वाहनों पर सवार करीब आधा दर्जन बदमाश उसके पीछे लग गए। धीरज ने अलीपुर के शनि मंदिर के पास खड़ी एक पीसीआर वैन को देखकर कार रोक दी और पीसीआर कर्मियों को अपनी बात बताई।
इसी दौरान बदमाश वहां पहुंचे और और धीरज की पिटाई शुरू कर दी। बदमाश पुलिस के सामने ही ताबड़तोड़ गोली चलाने लगे। धीरज ने कार के पीछे छुपकर जान बचाई। इस दौरान वहां रेहड़ी पर पानी बेचने वाले संतोष के पैर में एक गोली जा लगी। इसके बाद बदमाश दो कारों में सवार होकर फरार हो गए। जबकि उनकी एक इको कार वहीं छूट गई।
पीसीआर कर्मियों ने बदमाशों की कार का पीछा किया लेकिन वह हाथ नहीं लगे। उधर, घटना की सूचना पाकर पुलिस ने घायल संतोष को राजा हरिश्चंद्र अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से प्राथमिक इलाज के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। शुरूआती जांच में पता चला कि बिना परमिट के वाहन चलाने वाले कार चालकों ने वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस ने उनकी इको वैन को जब्त कर लिया है।