छेड़छाड़ का विरोध करने पर एक माह पहले 17 वर्षीय किशोरी को छत से नीचे फेंकने का मामला सामने आया है। किशोरी एक माह से कोमा में है। दो दिन पहले उसके माता-पिता को पड़ोस की दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग से पता चला कि बेटी को मनचलों ने नीचे फेंका है।
अभी तक वह इसे महज एक हादसा मान रहे थे। वहीं, परिजनों का आरोप है कि दो दिन पहले थाना सेक्टर-24 पुलिस को शिकायत और वीडियो रिकॉर्डिंग दी थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं गई।
मूलरूप से समस्तीपुर बिहार निवासी किशोरी के पिता 20 वर्ष से मोरना गांव में किराये पर प्रथम तल पर घर लेकर रह रहे हैं और बिजली ठीक करने का काम करते हैं। मां एक निजी स्कूल में छोटी सी नौकरी कर घर चलाती है।
किशोरी छह भाई-बहनों में सबसे बड़ी है। गर्मी की वजह से पूरा परिवार छत पर सोता है। पिता ने बताया कि लगभग दो-तीन माह पहले पड़ोस में दो युवक अपने चाचा-चाची के पास रहने के लिए आए हैं। दोनों फेज दो की एक निजी कंपनी में काम करते हैं।
चप्पल शौचालय के बाहर मिली और दुपट्टा नजदीक में सिलेंडर के ऊपर रखा था
सांकेतिक चित्र
एक युवक ने घटना से 10-12 दिन पहले रात के वक्त उनकी बेटी को छत से नीचे (प्रथम तल पर) आते वक्त सीढ़ियों पर घेर लिया था। पीछे से किशोरी की मां को आता देख आरोपी दीवार फांदकर भाग गया था।
19 मई की रात करीब एक बजे उनकी बेटी छत से उतरकर पहली मंजिल पर आई थी। इसी दौरान वह नीचे गिरकर घायल हो गई। उसकी चप्पल शौचालय के बाहर मिली और दुपट्टा नजदीक में सिलेंडर के ऊपर रखा था। उस वक्त उन्होंने इसे एक हादसा समझा और पुलिस को सूचना न देकर बेटी का इलाज कराने में जुट गए।
सीसीटीवी रिकॉर्डिंग में दिख रहा आरोपी युवक
किशोरी की मां ने बताया कि दो दिन पहले पड़ोसियों के कहने पर उन लोगों ने सामने की दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग देखी। उसमें पड़ोसी युवक उनकी बेटी के गिरते ही सीढ़ियों से नीचे आता दिख रहा है।
वह सड़क किनारे पड़ी उनकी बेटी को पलटकर देखता है। फिर मोबाइल की टॉर्च जलाकर भी देखता है। इसके बाद मोबाइल पर किसी से बात करते हुए हाथ से कुछ इशारा कर चला जाता है। वहीं, थाना सेक्टर-24 प्रभारी निरीक्षक उम्मेद कुमार यादव का कहना है कि एक माह पहले हादसा हुआ था। गुरुवार रात 11 बजे पीड़ित परिवार ने शिकायत दी है।
उन्होंने शिकायत में पड़ोसी युवक द्वारा छेड़छाड़ करने और विरोध पर बेटी को धक्का देने का आरोप लगाया है। हालांकि, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग में ऐसा कुछ स्पष्ट नहीं है। रिकॉर्डिंग में ये नहीं दिख रहा कि किशोरी कैसे गिरी। पीड़ित पिता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
राजस्थान के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में मिला दाखिला
किशोरी की मां ने बताया कि उनकी बेटी पढ़ाई में बहुत तेज है। दसवीं में 90 फीसदी अंक आए थे। 12वीं में उसके 94 फीसदी नंबर आए हैं। हादसे की वजह से उनकी बेटी रिजल्ट भी नहीं देख सकी। शुक्रवार को ही उनके पास राजस्थान के एक सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज से फोन आया था कि उनकी बेटी को वहां दाखिला मिला है।