हजरत निजामुद्दीन इलाके में सुंदर नगर स्थित सीएनजी पंप के कैशियर और मैनेजर ने 16 वर्षीय नाबालिग कर्मचारी पर 2.25 लाख रुपये चोरी करने का आरोप लगाते हुए इतना पीटा कि उसे खून की उल्टियां होने लगीं।
हालत बिगड़ने पर पीड़ित को एम्स में भर्ती कराया गया। किशोर का कहना है कि उसने 24 हजार रुपये चुराए थे, जिसे वापस भी कर दिया। पीड़ित के बयान के बाद बाल न्यायालय ने मैनेजर नंदन रावत और कैशियर सुरेश उर्फ पायलट के खिलाफ जेजे एक्ट और मारपीट का मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
पुलिस के मुताबिक, मूलरूप से बीबी नगर, बुलंदशहर निवासी सलमान (16, बदला नाम) किराये के मकान में दिल्ली में रहता है। आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण उसके एक रिश्तेदार ने सलमान को सुंदर नगर स्थित सीएनजी पंप पर आठ हजार रुपये महीने की तनख्वाह में नौकरी पर रखवा दिया।
17 जून को सलमान ने पंप के दफ्तर में टेबल पर रखे 24 हजार रुपये चुरा लिए। 18 जून को नंदन और सुरेश ने सीसीटीवी फुटेज देखी, तो चोरी का पता चल गया। दोनों ने सलमान को दफ्तर में बंधक बना लिया।
कुछ ही देर में सलमान ने चोरी करने की बात कबूल कर 24 हजार रुपये लौटा दिए, लेकिन मैनेजर और कैशियर 2.25 लाख रुपये चोरी की बात करते हुए बाकी रुपयों की मांग करने लगे। सलमान ने सिर्फ 24 हजार रुपये चुराने की बात कही।
इस पर दोनों ने उसे लात-घूसों से पीटना शुरू कर दिया। इससे सलमान को खून की उल्टियां होने लगीं। पीड़ित को एम्स में भर्ती कराया गया। तबीयत बेहतर होने पर सलमान को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (बाल न्यायालय, जेजेबी) के समक्ष पेश किया गया, जहां सलमान ने आपबीती सुनाई। मामले को गंभीरता से लेते हुए जेजेबी ने नंदन रावत और सुरेश उर्फ पायलट के खिलाफ मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई का आदेश दिया।