मर्सिडीज हिट एंड रन मामले में नाबालिग आरोपी ने तीस हजारी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विमल कुमार यादव के समक्ष याचिका दायर कर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजेबी) के फैसले को चुनौती दी है।
जेजेबी ने आरोपी पर व्यस्क की तरह सत्र अदालत में मुकदमा चलाने की अनुमति दी थी। नाबालिग आरोपी ने याचिका में कहा है जेजेबी ने गलत आधार पर फैसला सुनाया है।
याचिका पर तीस हजारी स्थित चिल्ड्रेन कोर्ट में याचिका पर सुनवाई होगी। मामले की सुनवाई के लिए शुक्रवार की तारीख तय की गई।
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मृतक युवक
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नाबालिग के लिए याचिका दायर करने वाले अधिवक्ता राजीव मोहन के मुताबिक जेजेबी ने गलत आधार पर चार जून को अपना फैसला सुनाया था। यह फैसला रद्द होना चाहिए।
यह मामला लापरवाही से जान लेने का है लेकिन इसमें गैर इरादतन हत्या की धारा में तब्दील कर दिया गया। इस धारा में दोषी साबित होने पर अधिकतम दस साल तक की सजा का प्रावधान है लेकिन न्यूनतम सजा का कोई प्रावधान नहीं है।
याची का कहना है कि जेजेबी कानून में हुए बदलाव के मुताबिक किसी नाबालिग पर किसी व्यस्क की तरह मुकदमा तब ही चल सकता है जब उसने ऐसा अपराध किया हो न्यूनतम सजा सात साल से कम न हो। पुलिस ने जो धारा लगाई है उसमें न्यूनतम सजा का कोई प्रावधान नहीं है।